हरिद्वार: देवभूमि उत्तराखंड की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पहचान को मजबूत रखते हुए सरकार अर्द्धकुंभ-2027 की तैयारियों को तेजी से पूरा कर रही है. इसी क्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को हरिद्वार-ऋषिकेश गंगा कॉरिडोर के तहत लगभग 235 करोड़ रुपये की चार महत्वपूर्ण परियोजनाओं का भूमिपूजन और शिलान्यास किया.
इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद हरिद्वार आधुनिक, सुरक्षित और सुव्यवस्थित आध्यात्मिक नगरी के रूप में नई पहचान बनाएगा. मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि इन विकास कार्यों से श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और शहर की छवि भी पूरी तरह बदल जाएगी.
मुख्यमंत्री ने सबसे पहले 43.25 करोड़ रुपये की प्रशासनिक मार्ग कॉरिडोर विकास परियोजना का भूमिपूजन किया. इसके साथ ही 66.76 करोड़ रुपये की हर की पैड़ी - सुभाष घाट पुनर्विकास परियोजना, 66.34 करोड़ रुपये की हर की पैड़ी के उत्तर क्षेत्र में आधारभूत अवसंरचना विकास कार्य और 58.84 करोड़ रुपये की रोड़ी बेलवाला पुनर्विकास परियोजना का शिलान्यास किया गया.
सीएम धामी ने कहा कि राज्य सरकार केवल शिलान्यास तक सीमित नहीं रहती. सरकार का लक्ष्य है कि सभी काम तय समय में, अच्छी गुणवत्ता और पूरी पारदर्शिता के साथ पूरे किए जाएं. अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि हर प्रोजेक्ट समय पर जनता को समर्पित किया जाए.
मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि हरिद्वार को सिर्फ आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि एक विकसित शहर बनाया जा रहा है. यहां मेडिकल कॉलेज, मॉडल डिग्री कॉलेज, हेलीपोर्ट, पॉड टैक्सी, रोपवे जैसी आधुनिक सुविधाएं विकसित की जा रही हैं.
कांवड़ यात्रा के लिए भी स्थायी और आधुनिक व्यवस्थाएं बनाई जा रही हैं ताकि हर साल आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को कोई परेशानी न हो. गंगा घाटों को सुंदर और साफ-सुथरा बनाने, बेहतर रोशनी, सीसीटीवी और यातायात व्यवस्था सुधारने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है.
उत्तराखंड सरकार अर्द्धकुंभ 2027 को भव्य और सुरक्षित बनाने के लिए हर स्तर पर काम कर रही है. इन परियोजनाओं से न सिर्फ हरिद्वार बल्कि पूरे क्षेत्र का कायाकल्प हो जाएगा. मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि इन विकास कार्यों से स्थानीय लोगों को रोजगार भी मिलेगा और पर्यटन को नई गति मिलेगी.