menu-icon
India Daily

यूपी में जिला पंचायत अध्यक्षों को मिली नई जिम्मेदारी, चुनाव तक प्रशासक के रूप में संभालेंगे कार्यभार

उत्तर प्रदेश सरकार ने सभी 75 जिला पंचायत अध्यक्षों को कार्यकाल समाप्त होने के बाद प्रशासक नियुक्त करने का फैसला किया है. नई पंचायतों के गठन या अधिकतम छह महीने तक वे नियमित प्रशासनिक कार्य संभालेंगे, जबकि नीतिगत फैसलों पर रोक रहेगी.

Meenu Singh
Edited By: Meenu Singh
यूपी में जिला पंचायत अध्यक्षों को मिली नई जिम्मेदारी, चुनाव तक प्रशासक के रूप में संभालेंगे कार्यभार
Courtesy: Pinterest

उत्तर प्रदेश सरकार ने जिला पंचायतों के प्रशासन को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिया है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य सरकार ने सभी 75 जिला पंचायत अध्यक्षों को उनके कार्यकाल समाप्त होने के बाद भी प्रशासक के रूप में जिम्मेदारी सौंपने का आदेश जारी किया है.

यह व्यवस्था नई जिला पंचायतों के गठन या अधिकतम छह महीने तक लागू रहेगी. सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस अवधि में केवल नियमित प्रशासनिक कार्य किए जाएंगे और किसी भी नीतिगत निर्णय की अनुमति नहीं होगी.

सरकार ने जारी किया नया आदेश

शुक्रवार शाम जारी आदेश के अनुसार, जिला पंचायतों का मौजूदा कार्यकाल समाप्त होने के बाद 12 जुलाई 2026 से सभी वर्तमान अध्यक्ष प्रशासक के रूप में कार्य करेंगे. संबंधित जिला मजिस्ट्रेटों को इन नियुक्तियों का अधिकार दिया गया है. यह व्यवस्था तब तक प्रभावी रहेगी जब तक नई जिला पंचायतों का गठन नहीं हो जाता या अधिकतम छह महीने की अवधि पूरी नहीं हो जाती.

नीतिगत फैसलों पर रहेगी रोक

सरकार ने अपने आदेश में साफ किया है कि प्रशासक के रूप में कार्य कर रहे अध्यक्ष केवल नियमित प्रशासनिक जिम्मेदारियां निभाएंगे. किसी भी नई नीति या विशेष महत्व के प्रस्ताव पर वे स्वयं निर्णय नहीं ले सकेंगे. ऐसे सभी मामलों को संबंधित जिला मजिस्ट्रेट के माध्यम से राज्य सरकार के पास भेजा जाएगा.

पंचायत चुनाव से पहले लिया गया फैसला

राज्य में स्थानीय निकाय चुनाव इस वर्ष प्रस्तावित थे. इससे पहले सरकार ग्राम पंचायतों के मामले में भी ऐसा ही फैसला ले चुकी है. मई में ग्राम प्रधानों को उनके कार्यकाल के बाद प्रशासक नियुक्त किया गया था, ताकि नई पंचायतों के गठन तक स्थानीय प्रशासन की प्रक्रिया बिना रुकावट जारी रह सके.

हाईकोर्ट में उठे कानूनी सवाल

इस व्यवस्था को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट में कानूनी चुनौती भी दी गई है. अदालत ने राज्य सरकार से इस संबंध में जवाब मांगा है. सुनवाई के दौरान अदालत ने यह भी पूछा कि पूर्व के न्यायिक निर्णयों के बावजूद ऐसा आदेश किस आधार पर जारी किया गया. मामले की अगली सुनवाई 4 अगस्त को निर्धारित की गई है.

चुनाव तक प्रशासन रहेगा जारी

सरकार का कहना है कि इस व्यवस्था का उद्देश्य जिला पंचायतों के नियमित कामकाज को प्रभावित होने से बचाना है. नई पंचायतों के गठन तक विकास कार्यों और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को निरंतर जारी रखने के लिए यह कदम उठाया गया है. अब सभी की नजर आगामी चुनाव प्रक्रिया और अदालत में चल रही सुनवाई पर बनी रहेगी.