Mathura Crime: दो साल पहले उसके पिता की हत्या कर दी गई थी, अब उसके सिर पर पिता ही हत्या का बदला लेने का जुनून सवार था. वह जेल से बाहर आया और भरी पंचायत में अपने पिता के हत्यारे को गोलियों से भून दिया. मामला उत्तर प्रदेश के मथुरा के शेरगढ़ थाना क्षेत्र के पैगांव का है.
भरी पंचायत में पिता के हत्यारे को मारी गोली
गांव में शुक्रवार को सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ एक पंचायत जुटी थी तभी गांव की प्रधान पप्पी का बेटा कृष्ण वहां आया और उसने गोरक्षक दल के जिलाध्यक्ष अमोल उर्फ अनमोल पहलवान को गोलियों से छलनी कर दिया. इस हत्याकांड से आक्रोशित ग्रामीणों एवं मृतक के परिजनों ने छाता कोतवाली के पास आगरा दिल्ली हाईवे की दोनों लेन को करीब एक घंटे तक बंद रखा. कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस ने जाम को खुलवाया और देर रात शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा.
गोली मारकर हुआ फरार
घटना करीब 3.30 बजे की बताई जा रही है. पैगांव में सीताराम बगीची पर सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ पंचायत जुटी थी जिसमें सैकड़ों लोग शामिल हुए थे. गोरक्षक दल के जिलाध्यक्ष अमोल उर्फ अनमोल (32) भी इस पंचायत में मौजूद थे. मृतक के भाई सौर सिंह का आरोप है कि तभी ग्राम प्रधान पप्पी का बेटा कृष्ण अपने साथ गांव के ही अरुण, रामबाबू, सतवीर, जग्गा और प्रदीप के साथ पहुंचा. आते ही उसने अमोल पर दनादन फायरिंग कर दी, लहूलुहान अनमोल वहीं गिर पड़ा. पंचायत में फायरिंग होते ही वहां मौजूद लोग अपनी जान बचाकर भागने लगे. सूचना मिलते ही शेरगढ़ थाने सहित अन्य थानों की पुलिस मौके पर पहुंची लेकिन तब तक कृष्ण अपने साथियों के साथ फरार हो चुका था. घटना से आक्रोशित लोगों ने आगरा-दिल्ली हाईवे की दोनों लेनों को जाम कर दिया. भारी मशक्कत के बाद पुलिस ने जाम को खुलवाया. पुलिस ने आरोपी कृष्ण को गिरफ्तार कर लिया है.
हिस्ट्रीशीटर था अमोल
एसपी देहात त्रिगुण बिसेन ने बताया कि मृतक अमोल के संबंध में जांच की गई तो पाया कि उसके खिलाफ शेरगढ़ थाने में कई मुकदमे दर्ज हैं. उसके खिलाफ कोसीकलां में गैंगस्टर का मुकदमा भी दर्ज हुआ था. उसकी संपत्ति कुर्क की भी कार्रवाई हो चुकी है. अमोल पर कुल 5 मुकदमे दर्ज थे जिसमें हत्या, शस्त्र अधिनियम जैसे मुकदमे भी शामिल हैं.
दो साल पहले हुआ था कृष्ण के पिता का मर्डर
29 जनवरी 2022 को कोकिलावन रोड पर तीन लोगों ने तत्कालीन प्राम प्रधान रामवीर की गोली मारकर हत्या कर दी थी, जिसमें अमोल को मुख्य आरोपी बनाया गया था. एसपी देहात त्रिगुण बिसेन ने बताया कि पिता रामवीर की हत्या के बाद सुरक्षा के लिहाज से एक गनर मिला था. उन्होंने कहा कि यह जांच के बाद ही साफ हो पाएगा कि वारदात के समय गनर उसके साथ था या नहीं. फिलहाल पुलिस पंचायत में जुटे लोगों से वीडियो और फुटेज जुटा रही है.