भारतीय जनता पार्टी (BJP) के एक विधायक हैं राजेश चौधरी. मथुरा की मांट विधानसभा सीट से बीजेपी के विधायक राजेश चौधरी ने हाल ही में एक टीवी डिबेट के दौरान कहा कि मायावती भ्रष्टतम नेता हैं. इस पर अब मायावती ने सख्त प्रतिक्रिया देते हुए बीजेपी को नसीहत दे डाली है. मायावती ने अपने X हैंडल पर लिखा है कि अगर वह दिमागी तौर पर बीमार हैं तो मायावती उनका इलाज करवाए. इसी को लेकर अखिलेश यादव ने भी एक ट्वीट किया था और मायावती का समर्थन किया था. इस पर मायावती ने अखिलेश यादव के प्रति आभार भी व्यक्त किया है.
राजेश चौधरी ने कहा, 'चार बार मायावती उत्तर प्रदेश की सीएम रहीं, पहली बार हमने ही बनाया था, वो हमारी गलती थी. उत्तर प्रदेश के अंदर सबसे भ्रष्ट कोई मुख्यमंत्री हुआ है तो उनका नाम है मायावती.' अब इस पर मायावती और बसपा भड़क गई हैं. मायावती ने अपने ट्वीट में लिखा है, 'बीजेपी के इस विधायक के बारे में ऐसा लगता है कि उसकी अब बीजेपी में कोई पूछ नहीं रही है इसलिए वह बसपा प्रमुख के बारे में अनाप-शनाप बयानबाजी करके सुर्खियों में आना चाहता है, जो अति-दुर्भाग्यपूर्ण है.'
3. जबकि भाजपा को चाहिए कि वह उसके विरुद्ध सख्त कार्रवाई करे और यदि वह दिमाग़ी तौर पर बीमार है तो उसका इलाज भी जरूर कराए, वरना इसके पीछे बीजेपी का कोई षडयन्त्र ही नजर आता है, यह कहना भी गलत नहीं होगा। 3/4
— Mayawati (@Mayawati) August 24, 2024Also Read
इसी को लेकर अखिलेश यादव ने अपने X पोस्ट में लिखा था, 'यूपी के एक बीजेपी विधायक द्वारा यूपी की एक भूतपूर्व महिला मुख्यमंत्री जी के प्रति कहे गए अभद्र शब्द दर्शाते हैं कि भाजपाइयों के मन में महिलाओं और खासतौर से वंचित-शोषित समाज से आनेवालों के प्रति कितनी कटुता भरी है. राजनीति मतभेद अपनी जगह होते हैं लेकिन एक महिला के रूप में उनका मान-सम्मान खंडित करने का किसी को भी अधिकार नहीं है. भाजपाई कह रहे हैं कि उन्हें मुख्यमंत्री बनाकर हमने गलती की थी, ये भी लोकतांत्रिक देश में जनमत का अपमान है और बिना किसी आधार के ये आरोप लगाना कि वो सबसे भ्रष्ट मुख्यमंत्री थीं, बेहद आपत्तिजनक है. भाजपा के विधायक के ऊपर, सार्वजनिक रूप से दिए गए इस वक्तव्य के लिए मानहानि का मुक़दमा होना चाहिए.
अखिलेश के ट्वीट पर प्रतिक्रिया देते हुए मायावती ने लिखा, 'सपा मुखिया ने मथुरा जिले के एक भाजपा विधायक को उनके गलत आरोपों का जवाब देकर बीएसपी प्रमुख के ईमानदार होने के बारे में सच्चाई को माना है, उसके लिए पार्टी आभारी है. बीजेपी को चाहिए कि वह उसके विरुद्ध सख्त कार्रवाई करे और यदि वह दिमाग़ी तौर पर बीमार है तो उसका इलाज भी जरूर कराए, वरना इसके पीछे बीजेपी का कोई षडयन्त्र ही नजर आता है, यह कहना भी गलत नहीं होगा.'
मायावती ने आगे लिखा है, 'अगर बीजेपी अपने विधायक के विरुद्ध कोई भी सख़्त कार्रवाई नहीं करती है तो फिर इसका जवाब पार्टी के लोग अगले विधानसभा चुनाव में उसकी जमानत जब्त कराकर तथा वर्तमान में होने वाले 10 उपचुनावों में भी इस पार्टी को जरूर देंगे.'