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India Daily

'महाकाल को बलि चाहिए...', यह कहते हुए युवक ने कुल्हाड़ी से अपनी गर्दन काटकर खत्म कर ली जिंदगी

इटावा में एक युवक ने मानसिक तनाव और अंधविश्वास के चलते खुद पर कुल्हाड़ी से हमला कर जान दे दी, जिससे इलाके में सनसनी फैल गई है.

Km Jaya
Edited By: Km Jaya
'महाकाल को बलि चाहिए...', यह कहते हुए युवक ने कुल्हाड़ी से अपनी गर्दन काटकर खत्म कर ली जिंदगी
Courtesy: Pinterest

इटावा: उत्तर प्रदेश के इटावा में अंधविश्वास और मानसिक पीड़ा से प्रेरित एक रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना सामने आई है. बकेवर थाना क्षेत्र का रहने वाला एक युवक जो खुद को महाकाल का भक्त बताता था. उसने कुल्हाड़ी से अपनी गर्दन पर वार करके अपनी जान ले ली. युवक की मौके पर ही मौत हो गई.

इटावा के बकेवर थाना क्षेत्र के गांधी नगर का रहने वाला 28 वर्षीय राजेश तिवारी यह कहते हुए अपनी गर्दन पर कुल्हाड़ी से कई वार किए कि 'महाकाल को बलि चाहिए.' मंगलवार को हुई इस घटना में राजेश की मौत अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही हो गई. अपने माता-पिता की मृत्यु और पत्नी के चले जाने के बाद राजेश का मानसिक संतुलन बिगड़ गया था. नशे की लत और घरेलू झगड़ों से परेशान होकर उसने सीढ़ियों के पास यह आत्मघाती कदम उठाया.

मृतक के चाचा ने क्या बताया?

उसके चाचा संतोष के अनुसार राजेश अपने माता-पिता की इकलौती संतान था. उसने दो साल पहले झारखंड की रहने वाली रानी नाम की महिला से शादी की थी लेकिन शराब और भांग के नशे की लत के कारण शादी के सिर्फ एक महीने बाद ही वह अपने मायके लौट गई. तब से राजेश अक्सर अजीबोगरीब हरकतें करने लगा था. वह बार-बार जिद करता था कि उसे माता यानी देवी के पास जाना है और महाकाल को बलि चाहिए. घर में जगह खाली करने को लेकर भी लगातार झगड़ा चल रहा था.

परिजनों को कैसे चला पता?

इस घटना का पता तब चला जब उसकी भतीजी सीढ़ियों पर झाड़ू लगाने गई और उसने राजेश को वहां खून से लथपथ पड़ा हुआ देखा. उसे बचाने की पूरी कोशिश करते हुए तुरंत अस्पताल ले जाया गया लेकिन रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया. पुलिस ने घटनास्थल से अपराध में इस्तेमाल की गई कुल्हाड़ी बरामद कर ली है. जांच अधिकारियों के अनुसार यह मामला मानसिक तनाव और अंधविश्वास से जुड़ा प्रतीत होता है. इसके बाद पुलिस ने जांच के लिए शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और आगे की कार्रवाई जारी है.