वाराणसी: यूपी के वाराणसी के प्रसिद्ध काशी विश्वनाथ धाम में सावन की तैयारियां जोरों पर हैं. इस बार 30 जुलाई से 28 अगस्त तक चलने वाले श्रावण मास में लाखों श्रद्धालु बाबा विश्वनाथ के दर्शन करने आएंगे. मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के लिए महाकुंभ जैसी व्यवस्था की है. इस बार की तैयारियां बेहद ही खास तरह से की जा रही हैं. जानें कैसी चल रही हैं तैयारियां…
सावन के हर सोमवार को पांच अलग-अलग मार्गों से प्रवेश की व्यवस्था रहेगी.
पूरा इलाका नो-व्हीकल जोन रहेगा.
मंदिर परिसर में मोबाइल फोन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा. कोई भी श्रद्धालु मोबाइल लेकर अंदर नहीं जा सकेगा.
वीआईपी दर्शन की सुविधा नहीं होगी.
बुजुर्गों, दिव्यांगों और कमजोर श्रद्धालुओं के लिए ई-रिक्शा की व्यवस्था की गई है.
सीसीटीवी कैमरों, अतिरिक्त पुलिस बल और नई SOP (स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर) से पूरे धाम की निगरानी की जाएगी.
साल 2026 का पहला सावन सोमवार 3 अगस्त को है. इस दिन कई शुभ योग बन रहे हैं, जैसे उत्तरभाद्रपदा और रेवती नक्षत्र, सुकर्मा योग और धृति योग. ज्योतिषियों के अनुसार यह दिन विशेष रूप से शुभ माना जा रहा है. इस दौरान श्रृंगार की परंपरा भी काफी खास मानी जाती है. सावन के हर सोमवार को बाबा विश्वनाथ के अलग-अलग रूपों में श्रृंगार किया जाएगा, जैसे गौरी शंकर, अर्धनारीश्वर, परिवार सहित श्रृंगार, रुद्राक्ष श्रृंगार आदि.
भीड़ प्रबंधन की महाकुंभ जैसी व्यवस्था की जा रही हैं, जिसमें होल्डिंग एरिया बनाना, जिग-जैग लाइन सिस्टम लागू होना, भीड़ के अनुसार लाइन छोटी या लंबी की जाना, चार अलग-अलग एंट्री और एग्जिट पॉइंट बनाए जाएंगे, हेड काउंट कैमरे से भीड़ की निगरानी की जाना, समय-समय पर अनाउंसमेंट से श्रद्धालुओं को निर्देश दिए जाना आदि शामिल हैं.
एसडीएम शंभू शरण ने कहा कि मोबाइल प्रतिबंध से सुरक्षा बढ़ेगी और भक्त पूजा में बेहतर ध्यान लगा पाएंगे. पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने बताया कि सावन के पूरे महीने सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन की व्यापक योजना तैयार की गई है. लक्ष्य है कि श्रद्धालुओं को कम समय में आसानी से दर्शन हो सकें.
श्रद्धालुओं के लिए सलाह:
समय रहते प्लान बनाएं
मोबाइल घर पर छोड़ दें
वृद्ध व दिव्यांग ई-रिक्शा का इस्तेमाल करें
भीड़ में धैर्य रखें और नियमों का पालन करें