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कानपुर के क्रोमियम प्रदूषण पर बड़ा एक्शन, IIT करेगी वैज्ञानिक जांच, 6 महीने में तैयार होगी रिपोर्ट

कानपुर, फतेहपुर और कानपुर देहात में भूजल में फैले क्रोमियम प्रदूषण की वैज्ञानिक जांच के लिए उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और IIT के बीच समझौता हुआ है. छह महीने में विस्तृत रिपोर्ट और समाधान की योजना तैयार होगी.

Meenu Singh
Edited By: Meenu Singh
कानपुर के क्रोमियम प्रदूषण पर बड़ा एक्शन, IIT करेगी वैज्ञानिक जांच, 6 महीने में तैयार होगी रिपोर्ट
Courtesy: AI

कानपुर: उत्तर प्रदेश में लंबे समय से चिंता का विषय बने क्रोमियम प्रदूषण की समस्या के समाधान की दिशा में अब महत्वपूर्ण पहल शुरू हो गई है. कानपुर, फतेहपुर और कानपुर देहात के प्रभावित क्षेत्रों में भूजल की गुणवत्ता और प्रदूषण के वास्तविक स्रोतों की वैज्ञानिक जांच कराई जाएगी. 

इसके लिए उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और IIT के बीच समझौता हुआ है. इस अध्ययन का उद्देश्य प्रदूषण की जड़ तक पहुंचकर ऐसा स्थायी समाधान तैयार करना है, जिससे लोगों को सुरक्षित वातावरण मिल सके.

IIT करेगी विस्तृत वैज्ञानिक अध्ययन

उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने इस परियोजना के लिए IIT के साथ MOU किया है. शासन ने अध्ययन के लिए 2.65 करोड़ रुपये उपलब्ध कराए हैं. अगले छह महीनों तक विशेषज्ञों की टीम प्रभावित क्षेत्रों का सर्वे, नमूनों की जांच और वैज्ञानिक विश्लेषण करेगी. इसके आधार पर विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी.

अगले सप्ताह से शुरू होगा सर्वे

आईआईटी की 10 सदस्यीय टीम प्रो. डॉ. पुरबंधू बोस और प्रो. डॉ. मनोज कुमार तिवारी के नेतृत्व में अगले सप्ताह जाजमऊ क्षेत्र से अध्ययन शुरू करेगी. टीम भूजल, मिट्टी और प्रदूषण के अन्य संभावित स्रोतों का परीक्षण करेगी. इसके बाद प्रभावित इलाकों का वैज्ञानिक मूल्यांकन किया जाएगा.

प्रदूषण रोकने की तकनीक पर होगा फोकस

अध्ययन के दौरान यह भी तय किया जाएगा कि भूजल में मौजूद क्रोमियम की मात्रा कम करने के लिए कौन-सी तकनीक सबसे प्रभावी साबित हो सकती है. साथ ही प्रदूषण प्रभावित क्षेत्रों के पुनर्वास और पर्यावरण सुधार के लिए व्यवहारिक कार्ययोजना भी तैयार की जाएगी.

NGT के निर्देशों के बाद तेज हुई कार्यवाही

यह पूरी प्रक्रिया नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के निर्देशों के अनुपालन में शुरू की गई है. NGT ने नवंबर 2025 में क्रोमियम डंपिंग, भूजल प्रदूषण और उससे जुड़े स्वास्थ्य संबंधी मामलों पर सख्त निर्देश जारी किए थे. इसके बाद राज्य स्तर पर कार्यवाही की प्रक्रिया तेज हुई.

इस वर्ष प्रस्तुत एक्शन टेकन रिपोर्ट में सामने आया कि कानपुर नगर, कानपुर देहात और फतेहपुर के प्रभावित क्षेत्रों से लिए गए कई लोगों के रक्त नमूनों में क्रोमियम की मात्रा निर्धारित सीमा से ज्यादा पाई गई. इसी कारण अब वैज्ञानिक अध्ययन के माध्यम से स्थायी समाधान तलाशने पर विशेष जोर दिया जा रहा है.