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आलीशान जिंदगी के बावजूद टूटा हौसला, नोएडा में इंडियन ऑयल अधिकारी ने दी जान, सुसाइड नोट में लिखी ये बात

यह घटना नोएडा सेक्टर-104 स्थित एटीएस वन हैमलेट सोसाइटी की है, जिसे शहर की सबसे पॉश और महंगी रिहायशी कॉलोनियों में गिना जाता है.

Sagar
Edited By: Sagar Bhardwaj
आलीशान जिंदगी के बावजूद टूटा हौसला, नोएडा में इंडियन ऑयल अधिकारी ने दी जान, सुसाइड नोट में लिखी ये बात
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उत्तर प्रदेश के नोएडा से एक चौंकाने वाला और सोचने पर मजबूर कर देने वाला मामला सामने आया है. यहां एक ऐसी जिंदगी खत्म हो गई, जिसे बाहर से देखने पर पूरी तरह सफल और खुशहाल माना जा सकता था. आलीशान सोसाइटी में घर, बड़ी और सम्मानित नौकरी, साथ में प्यार करने वाला परिवार-इन सबके बावजूद एक व्यक्ति ने अपनी जान लेने का फैसला कर लिया.

ATS One Hamlet सोसाइटी में दर्दनाक घटना

यह घटना नोएडा सेक्टर-104 स्थित एटीएस वन हैमलेट सोसाइटी की है, जिसे शहर की सबसे पॉश और महंगी रिहायशी कॉलोनियों में गिना जाता है. इसी सोसाइटी की 17वीं मंजिल से कूदकर अनिल गर्ग नाम के व्यक्ति ने आत्महत्या कर ली. घटना के बाद सोसाइटी में रहने वाले लोग स्तब्ध रह गए.

कौन थे अनिल गर्ग

अनिल गर्ग एक बड़े और प्रतिष्ठित पद पर कार्यरत थे. वे देश की महारत्न कंपनी इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन में कार्यकारी निदेशक के पद पर तैनात थे. उनकी नौकरी को बेहद स्थिर और सम्मानजनक माना जाता है. आर्थिक रूप से भी वे किसी तरह की परेशानी में नहीं दिखते थे.

सुसाइड नोट में छलका मन का दर्द

पुलिस को मौके से एक सुसाइड नोट मिला है. इस नोट में अनिल गर्ग ने साफ लिखा है कि वह अपनी जिंदगी से परेशान थे. हालांकि उन्होंने यह भी लिखा कि उन्हें अपने परिवार से बहुत प्यार है. नोट में किसी व्यक्ति या संस्था को सीधे तौर पर जिम्मेदार नहीं ठहराया गया है.

खुशहाल दिखने वाली जिंदगी के पीछे सवाल

इस घटना ने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या सिर्फ बाहरी सुविधाएं और सफलता इंसान को अंदर से खुश रख सकती हैं. अनिल गर्ग के पास वह सब कुछ था, जिसे आमतौर पर लोग एक आदर्श जीवन मानते हैं, फिर भी वह अंदर से संघर्ष कर रहे थे.

पुलिस जांच में जुटी, हर पहलू पर नजर

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया. पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है. पुलिस का कहना है कि मामले की गहराई से जांच की जा रही है. परिजनों और करीबियों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं ताकि यह समझा जा सके कि अनिल गर्ग किन कारणों से मानसिक तनाव में थे.

समाज के लिए एक गंभीर संदेश

यह घटना बताती है कि मानसिक तनाव किसी भी वर्ग, पद या जीवन स्तर के व्यक्ति को प्रभावित कर सकता है. जरूरत है समय पर बातचीत, समझ और मानसिक स्वास्थ्य को गंभीरता से लेने की.