वाराणसी: धर्म और आस्था की नगरी काशी से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने स्थानीय लोगों और धार्मिक संगठनों की भावना को आहत कर दिया है. पवित्र गंगा नदी के बीच नाव पर आयोजित एक इफ्तार पार्टी को लेकर विवाद खड़ा हो गया है. आरोप है कि इस दौरान मांसाहार (चिकन बिरयानी) का सेवन किया गया और उसके अवशेष गंगा में फेंके गए. पुलिस ने इस मामले में अब तक 14 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है.
इस घटना का खुलासा तब हुआ जब सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से फैलने लगा. वीडियो में कुछ लोग गंगा के बीच नाव पर बैठकर इफ्तार करते नजर आ रहे थे. इसी वीडियो के आधार पर भारतीय जनता युवा मोर्चा के महानगर अध्यक्ष रजत जायसवाल ने कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई. उन्होंने पुलिस को वीडियो भी सौंपा, जिसके बाद तुरंत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई.
वाराणसी गंगा में नाव पर रोजा इफ्तार पार्टी करना भारी पड़ा, 14 मुस्लिम गिरफ्तार !!
— Sachin Gupta (@SachinGuptaUP) March 17, 2026
FIR दर्ज हुई है कि इन्होंने नाव पर बिरयानी खाई और हड्डियां गंगा में फेंकी, इससे धार्मिक भावनाएं आहत हुईं। pic.twitter.com/jRNW8bYORo
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया है. इनमें धार्मिक भावनाओं को आहत करने से जुड़ी धाराएं और जल प्रदूषण से संबंधित प्रावधान शामिल हैं. शिकायतकर्ता का कहना है कि गंगा करोड़ों लोगों की आस्था का प्रतीक है और इस तरह की गतिविधियां न केवल पर्यावरण के लिए हानिकारक हैं, बल्कि धार्मिक भावनाओं को भी ठेस पहुंचाती हैं.
मामले को गंभीर मानते हुए पुलिस ने कई स्थानों पर दबिश देकर 14 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. अधिकारियों के अनुसार, इस घटना में शामिल नाव की पहचान भी कर ली गई है. अब नाव मालिक और चालक के खिलाफ भी कार्रवाई की तैयारी चल रही है, जिसमें उनके लाइसेंस को रद्द करने की प्रक्रिया शामिल हो सकती है.
इस घटना के सामने आने के बाद विभिन्न संगठनों ने कड़ी नाराजगी जताई है. उनका कहना है कि काशी की धार्मिक गरिमा बनाए रखने के लिए सख्त कदम उठाए जाने जरूरी हैं. और साथ ही यह भी मांग की जा रही है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए नाव संचालकों को स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए जाए.
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच जारी है और इसमें शामिल अन्य लोगों की पहचान भी की जा रही है. और साथ ही यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि कानून के अनुसार सभी दोषियों पर उचित कार्रवाई की जाए.