मेरठ से प्रयागराज अब सिर्फ 6 घंटे में...इन 12 जिलों को जोड़ेगा गंगा एक्सप्रेसवे, जानें कहां-कहां है इसका रूट
594 किलोमीटर लंबा गंगा एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश के 12 जिलों को जोड़ेगा. मेरठ से प्रयागराज तक बनने वाला यह एक्सप्रेसवे यात्रा का समय 12 घंटे से घटाकर 6 से 7 घंटे कर देगा. चलिए जानते हैं किन-किन रूट वालों को होगें फायदे.
लखनऊ: उत्तर प्रदेश का गंगा एक्सप्रेसवे राज्य के सबसे बड़े और महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में से एक बन चुका है. 594 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेसवे मेरठ से प्रयागराज तक बनाया जा रहा है, जो राज्य के 12 जिलों को सीधे जोड़ता है. इसके शुरू होने के बाद पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश के बीच यात्रा काफी आसान और तेज हो जाएगी.
करीब 36,402 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हो रहा यह गंगा एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश का अब तक का सबसे लंबा एक्सप्रेसवे है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लोकार्पण की तैयारियां भी चल रही हैं. यह मेरठ के बिजौली गांव से शुरू होकर प्रयागराज के जुडापुर दांदू गांव तक जाएगा. पहले जहां इस दूरी को तय करने में 11 से 12 घंटे लगते थे, वहीं अब यह सफर केवल 6 से 7 घंटे में पूरा किया जा सकेगा.
कितने जिलों से होकर गुजरता है एक्सप्रेसवे?
यह एक्सप्रेसवे जिन 12 जिलों से होकर गुजरता है, उनमें मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज शामिल हैं. इसके साथ ही 519 गांव भी इस परियोजना से सीधे जुड़ेंगे, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों को भी बड़ा फायदा मिलेगा.
गंगा एक्सप्रेसवे सिर्फ यात्रा को आसान नहीं बनाएगा, बल्कि व्यापार, रोजगार और निवेश के नए अवसर भी पैदा करेगा. गांवों से शहरों तक पहुंच आसान होने से स्थानीय बाजार मजबूत होंगे और उद्योगों को भी गति मिलेगी.
किन-किन लोगों के लिए होगा फायदेमंद?
दिल्ली और एनसीआर के लोगों के लिए भी यह एक्सप्रेसवे बहुत फायदेमंद साबित होगा. मेरठ के पास यह दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे से जुड़ता है, जिससे दिल्ली से प्रयागराज तक सीधी और तेज यात्रा संभव होगी. इससे समय और ईंधन दोनों की बचत होगी.
उन्नाव के पास इसे आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे से जोड़ने के लिए आधुनिक इंटरचेंज बनाया गया है. इससे आगरा, कानपुर और लखनऊ की यात्रा भी आसान हो जाएगी. एक एक्सप्रेसवे से सीधे दूसरे पर जाने की सुविधा यात्रियों के लिए बड़ी राहत होगी.
आगे की क्या है प्लानिंग?
भविष्य में इसे पूर्वांचल एक्सप्रेसवे और बिहार सीमा तक जोड़ने की भी योजना है. प्रयागराज से बलिया तक विस्तार और बक्सर तक कनेक्टिविटी से पूर्वी भारत के व्यापार को भी बड़ा लाभ मिलेगा.
बुलंदशहर के पास से एक विशेष लिंक रोड सीधे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, जेवर को जोड़ेगी. इससे पश्चिमी उत्तर प्रदेश और अवध क्षेत्र के लोगों को एयरपोर्ट तक तेज पहुंच मिलेगी.
गंगा एक्सप्रेसवे को हरिद्वार, देहरादून और हरियाणा के औद्योगिक शहरों से जोड़ने की भी तैयारी है. यह परियोजना आने वाले समय में उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था और विकास की नई पहचान बनने जा रही है.