गाजियाबाद: सोशल मीडिया पर चीन के नेल हाउस की तस्वीरें वायरल होती रहती हैं. नेल हाउस में लोग अपना घर खाली नहीं करते और सरकार उनके मकान के चारों तरफ हाईवे बना देती है. एक ऐसा ही हैरान करने वाला मामला भारत में भी देखना को मिला है. गाजियाबाद के मंडोला गांव में 12,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की लागत वाले दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के सर्विस रोड के बीचों-बीच 'स्वाभिमान' नाम का एक दो मंजिला घर सीना ताने खड़ा है.
इस घर की तस्वीरें लगातार सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं. इस एक्सप्रेसवे का उद्घाटन 14 अप्रैल को किया गया था. इस प्रजोक्ट की बदौलत दिल्ली से दहरादून का समय 6 घंटे से घटकर महज 2 से 2.5 घंटे का हो गया है. एक्सप्रेसवे के बीच बीचों-बीच बना ये घर एक बड़ी अड़चन बन रहा है.
इस घर को लेकर कानूनी लड़ाई 1998 से चल रही है. इसके मूल मालिक स्वर्गीय डॉ. वीरसेन सरोहा ने यूपी हाउसिंग बोर्ड दिए गए 1,100 रुपये प्रति वर्ग मीटर के मुआवजे के प्रस्ताव को ठुकरा कर इलाहाबाद हाईकोर्ट का रुख किया था. इस संपत्ति के मालिक उनके पोते लक्ष्यवीर सरोहा हैं.
साल 2020 में NHAI ने इस एक्सप्रेसवे का निर्माण शुरू किया. इस समय सर्विस रोड के लिए इसी जमीन के टुकड़े की जरूरत पड़ी. लक्ष्यवीर ने अपने घर को गिराए जाने के खतरे का हवाला देते हुए 2024 में सुप्रीम कोर्ट में एक मुकदमा दायर किया. साल 2024 में सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया. कोर्ट के इस स्टे ऑर्डर की वजह से इस घर को गिराया नहीं जा सका है.
1,600 वर्ग मीटर में फैला यह घर फिलहाल खाली है और सिर्फ एक सुरक्षा गार्ड इसकी देखभाल करता है. मकान मालिक के परिवार की मांग एकदम स्पष्ट है, "हमें जमीन की मौजूदा बाजार कीमत के हिसाब से मुआवजा दिया जाए, वरना जमीन भूल जाइए."
दूसरी ओर, एक्सप्रेसवे का काम देख रहे NHAI अधिकारियों का कहना है कि जब तक मामला कोर्ट में लंबित है, वे कोई कार्रवाई नहीं कर सकते. एहतियात के तौर पर घर के चारों ओर क्रैश बैरियर लगा दिए गए हैं. एक्सप्रेसवे शुरू होने के बाद से घर के पास ट्रैफिक का शोर इतना ज्यादा है कि वहां रुकना भी मुश्किल हो रहा है.
चीन में ऐसे ही एक चर्चित मामले में ये युशू नाम के शख्स ने ज्यादा मुआवजे की चाहत में अपना घर नहीं छोड़ा था. बाद में सरकार ने उसकी मांगें ठुकराते हुए घर के चारों तरफ हाईवे बना दिया. लगातार भारी शोर और धुएं के बीच अलग-थलग पड़ चुके युशू को बाद में अपने फैसले पर भारी पछतावा हुआ था.