लखनऊ: विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच जिले में ईवीएम और वीवीपैट की फर्स्ट लेवल चेकिंग को लेकर गतिविधियां तेज हो गई हैं. जांच प्रक्रिया को पारदर्शी और तय नियमों के मुताबिक पूरा कराने के लिए अधिकारियों और संबंधित कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है. इसी सिलसिले में लखनऊ में एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई, जिसमें बाराबंकी के जिला निर्वाचन अधिकारी समेत कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए. प्रदेश में एफएलसी की शुरुआत 17 सितंबर से लखनऊ में होगी.
लखनऊ के सुलतानपुर रोड स्थित रूपाम में मंगलवार को ईवीएम-वीवीपैट की एफएलसी प्रक्रिया पर प्रशिक्षण कार्यशाला हुई. सुबह 10 बजे से शाम चार बजे तक चली कार्यशाला में 33 जिलों के जिला निर्वाचन अधिकारी, उप जिला निर्वाचन अधिकारी और एफएलसी सुपरवाइजर शामिल हुए. बाराबंकी के जिला निर्वाचन अधिकारी ईशान प्रताप सिंह, अपर जिलाधिकारी निरंकार सिंह और न्यायिक एडीएम राजकुमार यादव ने भी प्रशिक्षण लिया.
कार्यशाला में लखनऊ, कानपुर, मुरादाबाद, झांसी, चित्रकूट, अयोध्या और देवीपाटन मंडलों के अधिकारियों को एफएलसी प्रक्रिया की जानकारी दी गई. इससे पहले गौतमबुद्ध नगर और वाराणसी में भी प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा चुके हैं. वहां 21-21 जिलों के अधिकारियों को ईवीएम और वीवीपैट की फर्स्ट लेवल चेकिंग से जुड़ी प्रक्रिया समझाई गई थी. अधिकारियों को जांच के दौरान अपनाई जाने वाली तकनीकी और प्रशासनिक सावधानियों की जानकारी दी गई.
सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी कमल किशोर के अनुसार, उत्तर प्रदेश में ईवीएम और वीवीपैट की फर्स्ट लेवल चेकिंग की शुरुआत 17 सितंबर से लखनऊ में होगी. इसके बाद बाराबंकी में मशीनों की जांच की तारीख तय की जाएगी. एफएलसी चुनाव प्रक्रिया का महत्वपूर्ण चरण है, इसलिए इसे निर्वाचन आयोग के निर्धारित मानकों और तय प्रक्रिया के अनुसार पूरा करने की तैयारी की जा रही है.
लोकसभा चुनाव 2024 के दौरान बाराबंकी जिले में 23 लाख 31 हजार 649 मतदाता दर्ज थे. इसके बाद मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के पहले चरण में डिजिटाइजेशन के दौरान 3.73 लाख नाम हटाए गए. आगे की पुनरीक्षण प्रक्रिया में भी अपात्र नाम हटाने और नए मतदाताओं को सूची में शामिल करने का काम किया गया. इस पूरी प्रक्रिया के बाद जिले में मतदाताओं की संख्या में कमी दर्ज की गई.
पुनरीक्षण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद बाराबंकी में मतदाताओं की संख्या 2.58 लाख कम हुई है. वर्तमान में जिले में कुल 20 लाख 73 हजार 352 मतदाता हैं. आगामी विधानसभा चुनाव में यही मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे. चुनाव से पहले ईवीएम-वीवीपैट की जांच और मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया को प्रशासन की तैयारियों के अहम हिस्से के तौर पर देखा जा रहा है.