बिजनौर: उत्तर प्रदेश में बिजनौर जिले की नगीना तहसील में स्थित गांव नंदपुर के एक प्राचीन मंदिर में हाल ही में घटी एक घटना ने पूरे इलाके में चर्चा और भावनाओं का माहौल बना दिया है. मंदिर परिसर में एक कुत्ते द्वारा मूर्तियों की परिक्रमा किए जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ.
कुछ लोगों ने इसे आस्था और श्रद्धा से जोड़कर देखा, तो कुछ के लिए यह एक रहस्यमयी घटना बन गई. लेकिन इस घटना का सबसे महत्वपूर्ण पहलू तब सामने आया, जब कुत्ते की बिगड़ती हालत पर मानवता और पशु कल्याण की भावना हावी हुई.
स्थानीय ग्रामीणों और मंदिर आने वाले लोगों के अनुसार, यह कुत्ता पिछले कई दिनों से बेहद कमजोर था. उसने खाना-पीना लगभग छोड़ दिया था और उसकी हालत लगातार बिगड़ती जा रही थी. मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बीच कुत्ता कभी इधर-उधर घूमता, तो कभी एक ही जगह बैठ जाता. धीरे-धीरे उसकी कमजोरी इतनी बढ़ गई कि वह ठीक से खड़ा भी नहीं हो पा रहा था. जब लोगों ने उसकी हालत ज्यादा खराब होती देखी, तो किसी ने इसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डाल दिया.
A stray dog started circling a Hanuman idol inside a temple in Nandpur village of Bijnor district in Uttar Pradesh. The video of the incident was widely shared on social media and began drawing crowd of devotees. pic.twitter.com/NTCXuA4nSp
— Piyush Rai (@Benarasiyaa) January 16, 2026Also Read
- माघ मेला 2026 में पहली बार हुआ 11 संतों का पट्टाभिषेक, देश की पहली किन्नर वकील बनीं महामंडलेश्वर
- धर्मांतरण गैंग का भांडाफोड़ होते ही KGMU ने लिया कड़ा एक्शन, 40 पार वालों की जूनियर रेजिडेंसी पर ब्रेक
- ग्रेटर नोएडा में पाइपलाइन में आ रहा है 'गंदा पानी', एक हफ्ते में दूसरी बार बीमार हुए लोग, RWA ने उठाए गंभीर सवाल
वीडियो सामने आने के बाद पशु कल्याण से जुड़ी एक एनजीओ और पशु चिकित्सकों की टीम तुरंत हरकत में आई. टीम मंदिर परिसर पहुंची और सबसे पहले कुत्ते की जांच की गई. जांच में पता चला कि कुत्ता गंभीर रूप से डिहाइड्रेशन यानी शरीर में पानी की भारी कमी और कुपोषण का शिकार है. लंबे समय तक कुछ न खाने-पीने के कारण उसकी हालत बेहद नाजुक हो चुकी थी. स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने बिना देर किए उसे ड्रिप लगाई और जरूरी दवाइयां दी.
पशु चिकित्सकों का कहना है कि कुत्ते की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है, लेकिन समय पर इलाज मिलने से उसके ठीक होने की उम्मीद है. डॉक्टरों ने आगे की जांच के लिए कुत्ते के सैंपल लैब में भेज दिए हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि उसे किसी तरह का वायरल संक्रमण या कोई गंभीर बीमारी तो नहीं है. रिपोर्ट आने के बाद इलाज की आगे की योजना बनाई जाएगी.
Now, devotees have started treating the dog as some spiritual incarnation with a priest sitting next to him inside the temple. The stray is now resting on a comfy mattress with devotees making a beeline to touch his feet. https://t.co/b6bSSFFtvP pic.twitter.com/xmZgSSvKkS
— Piyush Rai (@Benarasiyaa) January 16, 2026
फिलहाल, एनजीओ की टीम मंदिर परिसर में ही रहकर कुत्ते की लगातार निगरानी कर रही है. उसके खाने-पीने, दवाइयों और आराम का पूरा ध्यान रखा जा रहा है. वहीं दूसरी ओर, घटना के सातवें दिन भी मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ कम नहीं हुई है. बड़ी संख्या में लोग मंदिर पहुंच रहे हैं.
एनजीओ और डॉक्टरों की टीम लोगों से लगातार अपील कर रही है कि कुत्ते को न छेड़ा जाए और उसके इलाज में किसी तरह की रुकावट न डाली जाए. स्थानीय प्रशासन और पुलिस भी एनजीओ के साथ मिलकर स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं, ताकि कुत्ते का इलाज शांति और सुरक्षित तरीके से हो सके. यह घटना लोगों के लिए आस्था के साथ-साथ मानवता और करुणा का संदेश भी दे रही है.