menu-icon
India Daily

धर्मांतरण गैंग का भांडाफोड़ होते ही KGMU ने लिया कड़ा एक्शन, 40 पार वालों की जूनियर रेजिडेंसी पर ब्रेक

लखनऊ के केजीएमयू में धर्मांतरण गिरोह के खुलासे के बाद नॉन पीजी जूनियर रेजिडेंट भर्ती नियमों में बड़ा बदलाव किया गया है. अब 40 साल से अधिक उम्र के एमबीबीएस डॉक्टर इस पद पर नियुक्त नहीं होंगे. साथ ही भर्ती अवधि और अनुभव को लेकर भी सख्त नियम लागू किए गए हैं.

babli
Edited By: Babli Rautela
धर्मांतरण गैंग का भांडाफोड़ होते ही KGMU ने लिया कड़ा एक्शन, 40 पार वालों की जूनियर रेजिडेंसी पर ब्रेक
Courtesy: Social Media

लखनऊ स्थित किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी में नॉन पीजी जूनियर रेजिडेंट डॉक्टरों की भर्ती को लेकर बड़ा फैसला लिया गया है. अब 40 साल से अधिक उम्र के एमबीबीएस डॉक्टरों को इस पद पर भर्ती नहीं किया जाएगा. इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी कर दिया गया है. नए नियमों के तहत सत्रह जनवरी को पहली बार नॉन पीजी जूनियर रेजिडेंट की भर्ती प्रक्रिया शुरू की गई है.

केजीएमयू प्रशासन ने फैसला लिया है कि अब नॉन पीजी जूनियर रेजिडेंट की भर्ती एम्स दिल्ली के नियमों के अनुसार की जाएगी. अधिकारियों के अनुसार केजीएमयू में करीब 250 नॉन पीजी जूनियर रेजिडेंट के पद हैं. पहले इन पदों पर न तो अधिकतम उम्र की सीमा तय थी और न ही कार्यकाल की कोई स्पष्ट अवधि.

सालों तक एक ही पद पर टिके रहे डॉक्टर

पुराने नियमों के चलते कई डॉक्टर 5 से 8 साल तक नॉन पीजी जूनियर रेजिडेंट के पद पर बने रहे. इससे नए एमबीबीएस पास डॉक्टरों को अवसर नहीं मिल पा रहा था. यही वजह रही कि लंबे समय से इस व्यवस्था में बदलाव की मांग उठ रही थी. अब नए नियम लागू होने से युवा डॉक्टरों को ज्यादा मौके मिलने की उम्मीद है.

नए आदेश के अनुसार अब नॉन पीजी जूनियर रेजिडेंट की नियुक्ति अधिकतम 18 महीने के लिए ही होगी. एमबीबीएस इंटर्नशिप पूरी करने की तारीख से 5 साल के भीतर आवेदन करने वाले डॉक्टर ही इस पद के लिए पात्र होंगे. 40 वर्ष से अधिक उम्र के डॉक्टरों को इस पद पर रखने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है.

धर्मांतरण गैंग के भंडाफोड़ के बाद सख्ती

यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है जब केजीएमयू से जुड़े धर्मांतरण गैंग का भंडाफोड़ हुआ है. इस मामले में जांच एजेंसियां कई कड़ियों को जोड़ने में लगी हुई हैं. प्रशासन का मानना है कि मेडिकल संस्थानों में पारदर्शी और समयबद्ध व्यवस्था बेहद जरूरी है ताकि किसी भी तरह की अवांछित गतिविधियों को रोका जा सके.

जांच एजेंसियों को आशंका है कि धर्मांतरण गैंग से जुड़े रमीज के तार हिंदू धर्मगुरुओं की हत्या के आरोपी रजा से जुड़े हो सकते हैं. रजा को उत्तर प्रदेश एटीएस ने केरल से गिरफ्तार किया था. पूछताछ में सामने आया था कि वह धर्मांतरण में लगे संगठनों को फंडिंग करता था. एजेंसियां इस बात की जांच कर रही हैं कि फरारी के दौरान रमीज के खाते में आए लाखों रुपये कहीं इसी नेटवर्क से तो नहीं जुड़े थे.