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राम मंदिर में चोरी की जांच के बीच भी नहीं थमी श्रद्धा, भक्त लगातार कर रहे सोना-चांदी और धन का दान

राम मंदिर के चढ़ावे से धनराशि चोरी के मामले की जांच और राजनीतिक बयानबाजी के बीच भी श्रद्धालुओं की आस्था अडिग बनी हुई है. भक्त लगातार नकद के साथ सोना और चांदी अर्पित कर रहे हैं. हाल के दिनों में एक महिला श्रद्धालु ने 985 ग्राम सोना, जबकि एक अन्य भक्त ने दो किलोग्राम चांदी दान की है.

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Edited By: Shanu Sharma
राम मंदिर में चोरी की जांच के बीच भी नहीं थमी श्रद्धा, भक्त लगातार कर रहे सोना-चांदी और धन का दान
Courtesy: ANI

अयोध्या स्थित राम मंदिर में चढ़ावे की धनराशि में कथित चोरी के मामले की जांच जारी है. इस घटना के सामने आने के बाद देशभर में इसकी चर्चा तेज हो गई है और राजनीतिक दल भी इसे लेकर एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप कर रहे हैं. हालांकि इन सबके बीच रामभक्तों की आस्था पर इसका कोई असर दिखाई नहीं दे रहा है.

मंदिर प्रशासन के अनुसार श्रद्धालु केवल धनराशि ही नहीं, बल्कि सोना और चांदी भी बड़ी मात्रा में अर्पित कर रहे हैं. ऐसे बहुमूल्य दान मंदिर परिसर में बने अधिकृत दान काउंटर पर जमा किए जाते हैं, जहां प्रत्येक दानदाता को विधिवत रसीद भी उपलब्ध कराई जाती है. इससे दान की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी बनी रहती है.

दक्षिण भारत की महिला ने दिया 985 ग्राम सोना

हाल के दिनों में कई श्रद्धालुओं ने बहुमूल्य धातुओं का दान किया है. जानकारी के अनुसार दक्षिण भारत से आई एक महिला श्रद्धालु ने मंदिर को 985 ग्राम सोना अर्पित किया. वहीं एक दिन पहले ही एक अन्य भक्त ने दो किलोग्राम चांदी का दान किया. यह दान मंदिर के निर्धारित काउंटर पर स्वीकार किया गया और इसकी औपचारिक रसीद भी जारी की गई. बताया जा रहा है कि बीते महीने भी दर्जनभर से अधिक श्रद्धालुओं ने सोना और चांदी मंदिर को समर्पित की थी. हालांकि इन दानों का कुल मूल्य या मात्रा सार्वजनिक नहीं की गई है. इसके बावजूद यह स्पष्ट है कि श्रद्धालु अपनी श्रद्धा के अनुसार लगातार बहुमूल्य दान कर रहे हैं.

चोरी के मामले का नहीं पड़ा आस्था पर असर

चढ़ावे में चोरी के मामले की जांच अभी जारी है, लेकिन इसका असर मंदिर में आने वाले भक्तों के उत्साह पर दिखाई नहीं दे रहा. श्रद्धालु पहले की तरह भगवान राम के दर्शन कर रहे हैं और अपनी क्षमता के अनुसार नकद, सोना तथा चांदी अर्पित कर रहे हैं. यह स्थिति दर्शाती है कि विवाद और जांच के बावजूद रामभक्तों की आस्था और विश्वास पहले की तरह मजबूत बना हुआ है.