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बिजनौर में पिता की जान बचाने के लिए गुलदार से जा भिड़ी बहादुर बेटी, गन्ने से मुंह पर लगातार किया प्रहार; डरकर भागा आदमखोर

उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में खेत पर काम कर रहे व्यक्ति पर गुलदार ने हमला कर दिया. गुलदार ग्रामीण को खेत के अंदर घसीटने का प्रयास कर रहा था, तभी ग्रामीण की बेटी ने गन्ना उठाया और गुलदार के मुंह पर लगातार वार किए.

Anuj
Edited By: Anuj
बिजनौर में पिता की जान बचाने के लिए गुलदार से जा भिड़ी बहादुर बेटी, गन्ने से मुंह पर लगातार किया प्रहार; डरकर भागा आदमखोर

बिजनौर: उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले से एक साहस से भरी घटना सामने आई है, जहां एक बेटी की हिम्मत और समझदारी ने उसके पिता की जान बचा ली. खेत में काम के दौरान गुलदार ने पिता पर अचानक हमला कर दिया और उन्हें घसीटते हुए गन्ने के खेत में ले जाने लगा. यह सब देखकर बेटी डरी नहीं और बहादुरी दिखाते हुए गुलदार से भिड़ गई. उसके शोर और हिम्मत से घबराकर गुलदार मौके से भाग गया.

खेत में हुआ अचानक हमला

यह घटना शिवाला कलां थाना क्षेत्र के नाजरपुर मंडडयो गांव की है. बुधवार शाम करीब 5 बजे 55 वर्षीय रफीक अहमद अपनी बेटी कैसर जहां के साथ पशुओं के लिए चारा लेने खेत में गए थे. उसी दौरान झाड़ियों में छिपा गुलदार अचानक बाहर निकला और रफीक के पैर पर हमला कर दिया. गुलदार ने उन्हें अपने जबड़े में पकड़ लिया और खेत के अंदर घसीटने लगा.

 बेटी ने दिखाई हिम्मत

पिता की चीख सुनकर कैसर जहां घबराई नहीं. उसने पास ही पड़ा गन्ना उठाया और गुलदार के मुंह पर लगातार वार करने लगी. बेटी का साहस और शोर सुनकर गुलदार डर गया और रफीक को छोड़कर जंगल की ओर भाग गया. कैसर की सूझबूझ और हिम्मत से एक बड़ा हादसा टल गया.

पैर पर गहरे जख्म

शोर सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे. उन्होंने घायल रफीक अहमद को तुरंत अस्पताल पहुंचाया. डॉक्टरों के अनुसार, रफीक के पैर में गहरे जख्म हैं, लेकिन समय पर इलाज मिलने से उनकी हालत अब खतरे से बाहर बताई जा रही है.

इलाके में डर का माहौल

घटना के बाद से गांव और आसपास के इलाकों में दहशत फैल गई है. ग्रामीणों का कहना है कि खेतों के आसपास गुलदार की आवाजाही बढ़ गई है. लोगों ने वन विभाग से गुलदार को जल्द पकड़ने की मांग की है.

वन विभाग हुआ सतर्क

चांदपुर रेंजर दुष्यंत कुमार ने बताया कि इलाके में पहले भी गुलदार को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाया गया था. इस नई घटना के बाद फिर से पिंजरा लगाया जाएगा. वन विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि वे अकेले खेतों में न जाएं और खासकर शाम के समय सतर्क रहें. यह घटना बेटी की बहादुरी और साहस का उदाहरण है, जिसने मुश्किल वक्त में समझदारी दिखाकर अपने पिता की जान बचा ली.