लखनऊ: उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने अनुपूरक बजट में पूर्वांचल को सबसे अधिक प्राथमिकता देते हुए कई बड़ी विकास परियोजनाओं के लिए हजारों करोड़ रुपये का प्रावधान किया है. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव और 2024 के लोकसभा चुनाव के नतीजों के बाद सरकार ने पूर्वांचल में विकास कार्यों की रफ्तार तेज करने की रणनीति बनाई है.
बजट में सड़क, एक्सप्रेस वे, शिक्षा, ग्रामीण विकास और सामाजिक योजनाओं पर विशेष जोर दिया गया है. सरकार ने गंगा एक्सप्रेस वे को प्रयागराज, मिर्जापुर, वाराणसी, चंदौली और सोनभद्र तक जोड़ने वाले विंध्य एक्सप्रेस वे के निर्माण के लिए 6500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है.
इसके अलावा सोनभद्र से चंदौली और गाजीपुर तक बनने वाले लिंक एक्सप्रेस वे के लिए 2300 करोड़ रुपये प्रस्तावित किए गए हैं. इन परियोजनाओं का उद्देश्य पूर्वांचल में बेहतर संपर्क, निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ाना है.
अनुपूरक बजट में बुनियादी ढांचे के विकास को सबसे अधिक महत्व दिया गया है. कुल बजट का लगभग 70 प्रतिशत हिस्सा आधारभूत परियोजनाओं पर खर्च करने का प्रस्ताव है. इसके तहत नए एक्सप्रेस वे, इंडस्ट्रियल कॉरिडोर, डाटा सेंटर और सड़क संपर्क परियोजनाओं को आगे बढ़ाया जाएगा. जेवर एयरपोर्ट को गंगा एक्सप्रेस वे से जोड़ने के लिए 250 करोड़ रुपये और आगरा एक्सप्रेस वे को गंगा एक्सप्रेस वे से जोड़ने के लिए 400 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है.
ग्रामीण विकास के लिए भी सरकार ने बड़ा बजट रखा है. अनुपूरक बजट का लगभग 28 प्रतिशत हिस्सा ग्राम्य विकास विभाग को दिया गया है. वीबी जीराम जी योजना के लिए 1300 करोड़ रुपये से अधिक की राशि प्रस्तावित की गई है. सरकार का कहना है कि इस योजना से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और गांवों का विकास तेज होगा.
शिक्षा और युवाओं के कौशल विकास पर भी विशेष ध्यान दिया गया है. सामान्य वर्ग के पात्र छात्रों के लिए दशमोत्तर छात्रवृत्ति मद में 155 करोड़ रुपये का अतिरिक्त प्रावधान किया गया है. 31 राजकीय पॉलिटेक्निक संस्थानों में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने के लिए 382 करोड़ रुपये तथा अन्य राजकीय पॉलिटेक्निक के विकास के लिए 101 करोड़ रुपये प्रस्तावित किए गए हैं. इसके साथ ही ग्राम पंचायत और वार्ड स्तर पर डिजिटल लाइब्रेरी स्थापित करने तथा गांवों में मुख्यमंत्री ग्राम सौर योजना के तहत सोलर लाइट लगाने की भी घोषणा की गई है.
सामाजिक योजनाओं के तहत डॉ. भीमराव अंबेडकर मूर्ति विकास योजना के लिए 407 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. इस राशि का उपयोग डॉ. अंबेडकर और अन्य महापुरुषों की प्रतिमाओं तथा संबंधित विकास कार्यों पर किया जाएगा.