उत्तर प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र की शुरुआत श्रद्धांजलि के साथ हुई. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ विधायक आलम बदी के निधन पर शोक व्यक्त किया. उन्होंने उनके लंबे राजनीतिक जीवन, सादगी और जनता के प्रति समर्पण को याद करते हुए उन्हें सभी जनप्रतिनिधियों के लिए प्रेरणा बताया.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सदन में शोक प्रस्ताव पढ़ते हुए कहा कि आलम बदी का पूरा राजनीतिक जीवन जनता की सेवा के लिए समर्पित रहा. उन्होंने बताया कि आलम बदी ने आजमगढ़ की निजामाबाद सीट से पांच बार विधानसभा का प्रतिनिधित्व किया और हर बार लोगों के भरोसे पर खरे उतरे. मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सादगी, साफ छवि और जनहित के मुद्दों पर सक्रियता उन्हें अन्य नेताओं से अलग पहचान दिलाती थी. उन्होंने कहा कि ऐसे जनप्रतिनिधि हमेशा समाज के लिए मिसाल बनते हैं और उनका योगदान लंबे समय तक याद रखा जाता है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि कोई नेता अपने क्षेत्र और जनता के लिए ईमानदारी से काम करता है, तो उम्र कभी उसकी राह में रुकावट नहीं बनती. उन्होंने बताया कि 90 वर्ष से अधिक उम्र होने के बावजूद आलम बदी लगातार सक्रिय रहे और लोगों की समस्याओं को विधानसभा में मजबूती से उठाते रहे. शिक्षा, गरीबों की मदद और सामाजिक कामों में उनकी रुचि हमेशा बनी रही. योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जनता का भरोसा केवल चुनाव जीतने से नहीं, बल्कि लगातार सेवा करने से मिलता है और आलम बदी इसका सबसे अच्छा उदाहरण थे.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आलम बदी के अलावा कई पूर्व विधायकों और जनप्रतिनिधियों के निधन पर भी शोक व्यक्त किया. उन्होंने कहा कि इन सभी नेताओं ने अपने-अपने क्षेत्रों में जनता की सेवा की और लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत बनाने में योगदान दिया. सदन में सभी दिवंगत नेताओं के सम्मान में दो मिनट का मौन रखा गया. इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष ने कार्यवाही स्थगित कर दी. मानसून सत्र के आने वाले दिनों में अनुपूरक बजट और कई महत्वपूर्ण विधेयकों पर चर्चा होने की संभावना है.