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प्रतापगढ़ में बारिश के बीच ढहा सौ साल पुराना मकान, एक ही परिवार के छह लोगों की मौत

उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले में लगातार बारिश के बीच सौ साल पुराना जर्जर मकान ढहने से एक ही परिवार के छह लोगों की दर्दनाक मौत हो गई. हादसे के समय परिवार के सात सदस्य एक कमरे में सो रहे थे. एक युवक ने किसी तरह मलबे से निकलकर अपनी जान बचाई, जबकि बाकी छह लोगों को बचाया नहीं जा सका.

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Edited By: Shanu Sharma
प्रतापगढ़ में बारिश के बीच ढहा सौ साल पुराना मकान, एक ही परिवार के छह लोगों की मौत
Courtesy: X (@Shahnawazreport)

प्रतापगढ़: उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले के नगर कोतवाली क्षेत्र स्थित महुली मोहल्ले में गुरुवार तड़के एक बेहद दर्दनाक हादसा सामने आया. लगातार हो रही बारिश के बीच करीब सौ साल पुराना जर्जर मकान अचानक भरभराकर गिर गया. हादसे के समय परिवार के सात सदस्य एक ही कमरे में सो रहे थे. 

मकान की छत और दीवारें गिरने से सभी लोग मलबे के नीचे दब गए. इस हादसे में परिवार के छह सदस्यों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक बेटा किसी तरह मलबे से बाहर निकलकर अपनी जान बचाने में सफल रहा. बताया गया कि हादसे में प्रमोद श्रीवास्तव, उनकी पत्नी, बेटा, बहू और परिवार के दो मासूम बच्चों की जान चली गई. एक ही परिवार के छह लोगों की मौत से पूरे इलाके में मातम छा गया.

स्थानीय लोगों ने शुरू किया राहत कार्य

मकान गिरने की तेज आवाज सुनकर आसपास के लोग तुरंत मौके पर पहुंचे. लोगों ने बिना समय गंवाए राहत और बचाव कार्य शुरू किया तथा पुलिस को घटना की सूचना दी. भारी मलबा होने के कारण लोगों को बाहर निकालने में काफी कठिनाई का सामना करना पड़ा. स्थानीय लोगों के प्रयासों के साथ प्रशासनिक टीम ने भी बचाव अभियान को तेज किया. सूचना मिलते ही सीओ सिटी आशुतोष मिश्र, नगर कोतवाली पुलिस, फायर ब्रिगेड और अन्य राहत दल मौके पर पहुंच गए. जेसीबी और अन्य मशीनों की सहायता से कई घंटे तक मलबा हटाने का अभियान चलाया गया. सभी घायलों और मलबे में दबे लोगों को बाहर निकालकर तत्काल मेडिकल कॉलेज पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद छह लोगों को मृत घोषित कर दिया.

बारिश और जर्जर भवन बना हादसे की वजह

प्रशासन के अनुसार, यह मकान करीब सौ वर्ष पुराना और काफी जर्जर था. मकान के एक कमरे में वातानुकूलन यंत्र लगा होने के कारण उमस और बारिश से बचने के लिए परिवार के सभी सदस्य उसी कमरे में सो रहे थे. रात करीब दो बजे अचानक छत भरभराकर गिर गई और पूरा कमरा मलबे में तब्दील हो गया. प्रारंभिक जांच में लगातार हो रही बारिश को हादसे की मुख्य वजह माना जा रहा है. आशंका है कि बारिश से दीवारें और छत कमजोर हो गई थीं, जिससे पूरा ढांचा अचानक ढह गया. प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है और यह भी पता लगाया जा रहा है कि भवन की जर्जर स्थिति को लेकर पहले कोई शिकायत या चेतावनी दर्ज कराई गई थी या नहीं.

एक ही परिवार के छह सदस्यों की मौत से महुली मोहल्ले सहित पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है. बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल पर पहुंचकर पीड़ित परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त कर रहे हैं. प्रशासन ने प्रभावित परिवार को हरसंभव सहायता देने का भरोसा दिया है. साथ ही अधिकारियों ने लगातार बारिश के दौरान जर्जर और कमजोर मकानों में रहने से बचने की अपील करते हुए लोगों से समय रहते सुरक्षित स्थानों पर जाने का आग्रह किया है.