उत्तर प्रदेश में पिछले 10 से 12 दिनों से लगातार हो रही बारिश ने जनजीवन को प्रभावित किया है. सबसे अधिक असर पूर्वी उत्तर प्रदेश और तराई क्षेत्र के जिलों में देखने को मिला है, जहां कई स्थानों पर लगातार वर्षा दर्ज की गई.
भारतीय मौसम विभाग के अनुसार गुरुवार और शुक्रवार को प्रदेश के करीब 35 जिलों में भारी बारिश होने की संभावना है. इसके बाद शनिवार से बारिश की गतिविधियों में धीरे-धीरे कमी आने के संकेत हैं. मौसम विभाग के अनुसार लखनऊ और आसपास के इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है. 10 से 15 अगस्त के बीच मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा.
वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के अनुसार कौशांबी, फतेहपुर, कन्नौज, कानपुर देहात, कानपुर नगर, उन्नाव, रायबरेली, सहारनपुर, इटावा और औरैया समेत आसपास के जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है. इसके अलावा बांदा, चित्रकूट, प्रयागराज, प्रतापगढ़, सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, वाराणसी, संत रविदास नगर, बलिया, देवरिया, गोरखपुर, लखनऊ तथा पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई अन्य जिलों में भी अच्छी बारिश होने का अनुमान है. प्रशासन ने लोगों को मौसम की जानकारी पर नजर रखने और आवश्यक सावधानी बरतने की सलाह दी है.
बुधवार को राजधानी लखनऊ में दिनभर बादल छाए रहे. कई इलाकों में हल्की बारिश होने से मौसम खुशनुमा बना रहा और लोगों को गर्मी से राहत मिली. शहर का अधिकतम तापमान 32.9 डिग्री सेल्सियस जबकि न्यूनतम तापमान 26.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार बुधवार को हमीरपुर में इस मानसून सत्र की सर्वाधिक 150 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई. इसके अलावा बांदा में 113.2 मिलीमीटर, खीरी में 95 मिलीमीटर, सुल्तानपुर में 73 मिलीमीटर और प्रयागराज में 65 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई. लगातार हो रही बारिश से नदियों और जलाशयों का जलस्तर बढ़ा है, जबकि कई निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति भी बनी हुई है. मौसम विभाग का कहना है कि अगले दो दिनों तक सतर्क रहने की आवश्यकता है, क्योंकि कुछ स्थानों पर तेज बारिश का दौर जारी रह सकता है.