नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट अब यात्री सेवाओं के साथ कार्गो संचालन की दिशा में भी बड़ा कदम बढ़ाने जा रहा है. 17 जून से पहली कार्गो उड़ान शुरू करने की तैयारी चल रही है. इससे पश्चिमी उत्तर प्रदेश और आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों को बेहतर लॉजिस्टिक सुविधाएं मिलने की उम्मीद है.
एयरपोर्ट परिसर में पहले चरण के तहत लगभग 30 एकड़ क्षेत्र में आधुनिक कार्गो हब विकसित किया गया है. इस सुविधा को एयर इंडिया सैट्स द्वारा तैयार किया गया है. शुरुआती चरण में इसकी वार्षिक क्षमता 2.5 लाख मैट्रिक टन रखी गई है. कार्गो टर्मिनल, वेयरहाउस, ट्रकिंग नेटवर्क और डिजिटल प्रबंधन प्रणाली को एकीकृत रूप से विकसित किया गया है. इससे माल ढुलाई की प्रक्रिया तेज और सुगम हो सके. अधिकारियों का मानना है कि यह सुविधा निर्यातकों, उद्योगों और लॉजिस्टिक्स कंपनियों के लिए महत्वपूर्ण साबित होगी.
नोएडा एयरपोर्ट पर कार्गो संचालन शुरू होने से दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर माल ढुलाई का दबाव कम होने की उम्मीद है. वर्तमान में आईजीआई एयरपोर्ट देश के सबसे व्यस्त कार्गो केंद्रों में शामिल है. नोएडा एयरपोर्ट की क्षमता को भविष्य में बढ़ाकर 2.5 मिलियन मैट्रिक टन तक ले जाने की योजना है. इससे उत्तर भारत के व्यापारिक और औद्योगिक क्षेत्रों को वैकल्पिक और अधिक सुविधाजनक कार्गो विकल्प मिलेगा.
नोएडा एयरपोर्ट से 15 जून को इंडिगो अपनी व्यावसायिक उड़ानें शुरू करेगी. वहीं 16 जून से अकासा एयर भी सेवाएं देने की तैयारी में है. इसके बाद 17 जून को पहली घरेलू कार्गो उड़ान संचालित किए जाने की संभावना जताई जा रही है. कार्गो संचालन के लिए एफकॉम होल्डिंग्स लिमिटेड के साथ समझौता किया गया है, जो अंतरराष्ट्रीय मालवाहक सेवाओं का अनुभव रखती है.