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पश्चिमी यूपी की सड़कों का होगा मेकओवर! धूल-मुक्त और ग्रीन रोड से बदल जाएगी सड़कों की तस्वीर

पश्चिमी यूपी के लोगों को जल्द ही बेहतर, सुरक्षित और प्रदूषण मुक्त सड़क नेटवर्क का लाभ मिल सकता है. बढ़ते शहरीकरण, वाहनों की संख्या और वायु प्रदूषण की चुनौती से निपटने के लिए प्रदेश सरकार ने एक महत्वाकांक्षी पहल शुरू की है.

Meenu Singh
Edited By: Meenu Singh
पश्चिमी यूपी की सड़कों का होगा मेकओवर! धूल-मुक्त और ग्रीन रोड से बदल जाएगी सड़कों की तस्वीर
Courtesy: AI

पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लोगों को जल्द ही बेहतर, सुरक्षित और प्रदूषण मुक्त सड़क नेटवर्क का लाभ मिल सकता है. बढ़ते शहरीकरण, वाहनों की संख्या और वायु प्रदूषण की चुनौती से निपटने के लिए प्रदेश सरकार ने एक महत्वाकांक्षी पहल शुरू की है. इस योजना के तहत सड़कों को केवल यातायात का साधन नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और बेहतर जीवन गुणवत्ता का माध्यम बनाने की तैयारी की जा रही है.

उत्तर प्रदेश लोक निर्माण विभाग (PWD) को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) से जुड़े पश्चिमी यूपी के प्रमुख शहरों में डस्ट फ्री और ग्रीन रोड विकसित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है. इस परियोजना के तहत नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद, मेरठ, हापुड़, बागपत, बुलंदशहर, मुजफ्फरनगर और सहारनपुर जैसे जिलों में सड़कों की संरचना और कनेक्टिविटी को आधुनिक बनाया जाएगा.

विशेषज्ञ संस्थानों की मदद से बनेगा नया मॉडल

इस महत्वाकांक्षी योजना को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए लोक निर्माण विभाग ने केंद्रीय सड़क अनुसंधान संस्थान (CRRI), स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर (SPA) और वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) के साथ सहयोग किया है. ये संस्थान सड़कों के लिए वैज्ञानिक और पर्यावरण अनुकूल डिजाइन तैयार करेंगे.

सर्वे के बाद शुरू होगा सुधार कार्य

परियोजना के पहले चरण में विस्तृत सर्वेक्षण किया जाएगा. उन क्षेत्रों की पहचान की जाएगी जहां धूल प्रदूषण ज्यादा है, सड़क किनारे कच्ची जमीन मौजूद है या यातायात का दबाव ज्यादा रहता है. सर्वे रिपोर्ट के आधार पर चरणबद्ध तरीके से निर्माण और सुधार कार्य शुरू किए जाएंगे.

सड़कों पर दिखेंगे कई बड़े बदलाव

योजना के तहत सड़कों के किनारे हरित पट्टियां विकसित की जाएंगी, जिससे धूल और प्रदूषण को नियंत्रित किया जा सके. साथ ही आधुनिक सड़क डिजाइन, बेहतर ट्रैफिक प्रबंधन, सुरक्षा उपाय और चौड़ी सड़कों के विकास पर विशेष ध्यान दिया जाएगा. 12 मीटर या उससे ज्यादा चौड़ी सड़कों को प्राथमिकता के आधार पर विकसित किया जाएगा.

नोएडा और ग्रेटर नोएडा को होगा बड़ा लाभ

औद्योगिक और तेजी से विकसित हो रहे शहर नोएडा और ग्रेटर नोएडा इस योजना के प्रमुख केंद्र होंगे. जेवर एयरपोर्ट, फिल्म सिटी और अन्य बड़ी परियोजनाओं को देखते हुए यहां सड़क नेटवर्क को और मजबूत बनाने की तैयारी है. इससे यात्रियों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी और ट्रैफिक जाम की समस्या में भी कमी आने की संभावना है.

प्रदूषण नियंत्रण के साथ बढ़ेगी सुरक्षा

अधिकारियों का मानना है कि इस पहल से सड़कों पर उड़ने वाली धूल कम होगी, वायु गुणवत्ता में सुधार आएगा और दुर्घटनाओं की संख्या भी घटेगी. साथ ही लोगों को अधिक सुरक्षित, आरामदायक और सुगम यात्रा का अनुभव मिलेगा. यह परियोजना पश्चिमी उत्तर प्रदेश के शहरी विकास को नई दिशा देने वाली साबित हो सकती है.