उत्तर प्रदेश के देवरिया शहर में रेलवे ओवरब्रिज के पास स्थित अब्दुल गनी शाह बाबा की मजार को गिराने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है. यह मजार सरकारी बंजर भूमि पर अवैध रूप से बनाई गई थी. लंबे समय से चल रहे विवाद के बाद एसडीएम कोर्ट ने इसे अवैध मानते हुए ध्वस्तीकरण का आदेश दिया था. कोर्ट के आदेश के अनुपालन में रविवार को प्रशासन ने बुलडोजर की मदद से कार्रवाई शुरू की.
मजार को लेकर एक पक्ष ने एसडीएम कोर्ट में वाद दायर किया था. सुनवाई के दौरान अदालत ने सभी दस्तावेजों और तथ्यों की जांच की. जांच में सामने आया कि जिस जमीन पर मजार बनी थी, वह सरकारी बंजर भूमि है. इसके अलावा मजार निर्माण के लिए किसी तरह का नक्शा या अनुमति भी नहीं ली गई थी. इसी आधार पर कोर्ट ने मजार को अवैध अतिक्रमण घोषित कर दिया.
योगी सरकार का बुलडोज़र देवरिया स्थित अब्दुल गनी शाह बाबा की मजार पर चला…
फाइलों में ये मज़ार सरकारी बंजर भूमि पर अवैध अतिक्रमण करके बनाई गई थी। pic.twitter.com/W5GbfwHFu8— Mamta Tripathi (@MamtaTripathi80) January 11, 2026Also Read
मामले की सुनवाई एसडीएम और एएसडीएम सदर की अदालत में हुई. दोनों ही मामलों में मजार कमेटी को कोई राहत नहीं दी गई. कोर्ट के फैसले के बाद जिला प्रशासन ने मजार कमेटी को स्वयं अवैध निर्माण हटाने का निर्देश दिया था. इस पर मजार कमेटी ने ध्वस्तीकरण के लिए सहमति भी जता दी थी.
इस पूरे प्रकरण को लेकर देवरिया सदर से भाजपा विधायक शलभ मणि त्रिपाठी ने मुख्यमंत्री को लिखित शिकायत भेजी थी. उन्होंने आरोप लगाया था कि मजार सरकारी जमीन पर बनी है और यहां गलत गतिविधियां होती हैं. शिकायत के बाद प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया और कोर्ट की कार्रवाई आगे बढ़ी.
कोर्ट के आदेश के बाद रविवार को करीब साढ़े तीन बजे तीन बुलडोजर मौके पर पहुंचे और मजार को गिराने का काम शुरू किया गया. किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से बचने के लिए भारी पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर मौजूद रहे. प्रशासन ने बताया कि पूरी कार्रवाई शांतिपूर्ण ढंग से की जा रही है.
प्रशासन का कहना है कि सरकारी जमीन से अवैध अतिक्रमण हटाने की यह कार्रवाई पूरी तरह न्यायालय के आदेश के अनुसार है. भविष्य में भी कोर्ट के निर्देशों के तहत ऐसी कार्रवाइयां जारी रहेंगी, ताकि सरकारी जमीन को अतिक्रमण मुक्त किया जा सके.