menu-icon
India Daily

'यूपी में ब्राह्मण असुरक्षित', मायावती का योगी सरकार पर बड़ा हमला; मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर कह दी ये बात

बसपा प्रमुख मायावती ने यूपी में ब्राह्मण समाज की सुरक्षा और बिगड़ती कानून-व्यवस्था को लेकर बीजेपी सरकार पर सवाल उठाए.

Ashutosh
Edited By: Ashutosh Rai
'यूपी में ब्राह्मण असुरक्षित', मायावती का योगी सरकार पर बड़ा हमला; मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर कह दी ये बात
Courtesy: X

उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर जातीय संतुलन और कानून-व्यवस्था का मुद्दा गर्मा गया है. बहुजन समाज पार्टी प्रमुख मायावती ने सोशल मीडिया पर लगातार पोस्ट कर राज्य सरकार को कठघरे में खड़ा किया. उन्होंने कहा कि यूपी में ब्राह्मण समाज खुद को असुरक्षित महसूस कर रहा है. सरकार कमजोर वर्गों को भरोसा देने में विफल साबित हो रही है. मायावती ने लखनऊ में बीजेपी नेता पर हुए हमले और सहारनपुर के जातीय तनाव का हवाला देते हुए भाजपा सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए हैं.

ब्राह्मण समाज की सुरक्षा को लेकर उठाए सवाल

मायावती ने अपने बयान में कहा कि उत्तर प्रदेश में ब्राह्मण समाज केवल राजनीतिक रूप से उपेक्षित नहीं है, बल्कि खुद को असुरक्षित भी महसूस कर रहा है. उन्होंने राजधानी लखनऊ में ब्राह्मण समाज से जुड़े बीजेपी के एक युवा नेता पर हुए जानलेवा हमले का उदाहरण दिया. बसपा प्रमुख ने दावा किया कि उनकी सरकार के दौरान “सर्वजन हिताय और सर्वजन सुखाय” की नीति के तहत हर वर्ग को समान सुरक्षा और न्याय मिला था. उन्होंने कहा कि वर्तमान हालात में लोगों के मन में भय और असुरक्षा का माहौल बनता दिखाई दे रहा है.

सहारनपुर विवाद को लेकर भी सरकार पर हमला

बसपा सुप्रीमो ने सहारनपुर के देवबंद क्षेत्र के लालवाला गांव में हुए ठाकुर-दलित संघर्ष का जिक्र करते हुए सरकार पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि दो बीघा जमीन के विवाद ने जातीय तनाव का रूप ले लिया, जिसमें कई लोग घायल हुए और पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा. मायावती ने आरोप लगाया कि दलित समाज पुलिस की कार्रवाई से संतुष्ट नहीं है और एकतरफा कार्रवाई की शिकायत कर रहा है. उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएं सामाजिक सौहार्द को नुकसान पहुंचाती हैं.

मंत्रिमंडल विस्तार पर भी कसा तंज

मायावती ने यूपी सरकार के हालिया मंत्रिमंडल विस्तार पर भी टिप्पणी की. उन्होंने कहा कि मंत्रिमंडल का विस्तार किसी भी सत्ताधारी दल का आंतरिक विषय हो सकता है लेकिन इसका असर जनता के जीवन में दिखाई देना चाहिए. उन्होंने कहा कि अगर सरकार के फैसलों से गरीबों, मजदूरों, किसानों, युवाओं और महिलाओं को राहत नहीं मिलती, तो लोग इसे सिर्फ राजनीतिक संतुलन साधने की कवायद मानेंगे. बसपा प्रमुख ने यह भी कहा कि मंत्रियों की पहली जिम्मेदारी जनता को सुरक्षा और न्याय का भरोसा देना है.