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Deepotsav 2026: अयोध्या में जगमगाएंगे 30 लाख दीये, 56 घाटों पर दिखेगा अद्भुत नजारा; शुरू हुई भव्य तैयारी

अयोध्या में 10वें दीपोत्सव को यादगार बनाने की तैयारियां शुरू हो गई हैं. सरयू नदी के किनारे इस बार 56 घाटों पर 30 लाख दीये जलाने का लक्ष्य रखा गया है.

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Edited By: Reepu Kumari
Deepotsav 2026: अयोध्या में जगमगाएंगे 30 लाख दीये, 56 घाटों पर दिखेगा अद्भुत नजारा; शुरू हुई भव्य तैयारी
Courtesy: Pinterest

Deepotsav 2026: अयोध्या में दीपोत्सव को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं. सरयू नदी के किनारे बसे घाटों को रोशनी से सजाने के लिए व्यापक स्तर पर काम शुरू किया गया है. इस बार 10वें दीपोत्सव में 56 घाटों पर 30 लाख दीये जलाने की योजना है. घाटों की सफाई के बाद दीये रखने के लिए जगह चिह्नित की जा रही है, ताकि आयोजन के दिन हर व्यवस्था तय योजना के अनुसार पूरी हो सके.

इस आयोजन का समन्वय डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय कर रहा है. विश्वविद्यालय ने 30 लाख दीये जलाने के लक्ष्य को पूरा करने के लिए 33 लाख दीये मंगवाए हैं. अतिरिक्त दीये इसलिए रखे जाएंगे, ताकि परिवहन या उन्हें व्यवस्थित करते समय कुछ दीये टूटने पर भी आयोजन में कमी न आए. शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026 को भूमि पूजन के साथ तैयारियों की औपचारिक शुरुआत होगी.

घाट नंबर 10 पर होगा भूमि पूजन

दीपोत्सव की तैयारियों के लिए शुक्रवार सुबह 7:30 बजे घाट नंबर 10 पर भूमि पूजन रखा गया है. इस दौरान वैदिक मंत्रोच्चार के बीच आयोजन की शुरुआत होगी. डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के कुलपति बिजेंद्र सिंह और विश्वविद्यालय के वरिष्ठ अधिकारी इसमें शामिल होंगे.

भूमि पूजन के बाद घाटों पर दीयों की व्यवस्था से जुड़े काम आगे बढ़ेंगे. आयोजन को व्यवस्थित बनाने के लिए विश्वविद्यालय और जिला प्रशासन मिलकर अलग-अलग जिम्मेदारियां संभाल रहे हैं.

इस बार 55 नहीं, 56 घाटों पर रोशनी

इस वर्ष दीपोत्सव में एक घाट बढ़ाया गया है. अब कुल 56 घाटों पर दीयों की व्यवस्था होगी. इनमें विस्तारित राम की पैड़ी, चौधरी चरण सिंह घाट और भजन संध्या स्थल भी शामिल हैं. पहले 55 घाटों पर दीये सजाए जाते थे.

35 हजार स्वयंसेवक संभालेंगे बड़ी जिम्मेदारी

दीपोत्सव के दौरान दीये लगाने और उन्हें जलाने के लिए करीब 35 हजार स्वयंसेवकों की तैनाती की जाएगी. इनमें 30 डिग्री कॉलेज, 40 इंटरमीडिएट कॉलेज और विश्वविद्यालय परिसर के विद्यार्थी शामिल होंगे. स्वयंसेवकों को अलग-अलग घाटों की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी.

क्यूआर कोड वाले पहचान पत्र से होगी तैनाती

स्वयंसेवकों का ऑनलाइन पंजीकरण किया जाएगा. प्रत्येक स्वयंसेवक को क्यूआर कोड, फोटो, संपर्क विवरण और तैनाती स्थल की जानकारी वाला पहचान पत्र दिया जाएगा. इससे यह पहचानना आसान होगा कि किस स्वयंसेवक की ड्यूटी किस घाट पर लगाई गई है.

30 लाख दीयों से रोशन होंगे सरयू के घाट

दीपोत्सव के लिए 30 लाख दीये जलाने का लक्ष्य रखा गया है, जबकि 33 लाख दीयों की व्यवस्था की गई है. अतिरिक्त दीयों से टूट-फूट की स्थिति में भी निर्धारित लक्ष्य पूरा करने में मदद मिलेगी. घाटों की मार्किंग और स्वयंसेवकों का प्रशिक्षण इस बड़े आयोजन की तैयारियों का अहम हिस्सा है.