निवेशक और उद्यमी निखिल कामथ का मानना है कि भारत को चीन से सीखते हुए राज्यों के बीच ऐसी प्रतिस्पर्धा बढ़ानी चाहिए, जैसी कारोबार में कंपनियों के बीच होती है. उनके मुताबिक, अगर राज्यों के मुख्यमंत्री CEO की तरह काम करें और अपने राज्य के विकास के लिए एक-दूसरे से प्रतिस्पर्धा करें, तो देश में बड़े बदलाव लाए जा सकते हैं. उन्होंने NDTV वर्ल्ड समिट में यह बात कही.
कामथ ने कहा कि भारत में बड़ी टेक्नोलॉजी कंपनी खड़ी करने की क्षमता है, लेकिन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए पर्याप्त जोखिम पूंजी की कमी है. उन्होंने बताया कि अमेरिका और चीन में नई तकनीकों पर प्रयोग करने और नए मॉडल विकसित करने के लिए ज्यादा पूंजी उपलब्ध है. ऐसे में भारतीय कंपनियों के लिए इस क्षेत्र में बराबरी से मुकाबला करना मुश्किल हो जाता है.
कामथ ने भारत की लागत संबंधी ताकत का भी जिक्र किया. उनके अनुसार, भारत में एक मेगावाट क्षमता से जुड़ा बुनियादी ढांचा तैयार करने की लागत पश्चिमी देशों की तुलना में लगभग 30 से 40 प्रतिशत कम हो सकती है. उन्होंने कहा कि अमेरिका में डेटा सेंटर के निर्माण से जुड़े काम करने वाले लोगों को भारत के मुकाबले काफी ज्यादा भुगतान किया जाता है. इसके अलावा, भारत में बिजली की लागत भी दुनिया के कई क्षेत्रों की तुलना में कम है. ये फायदे भारत को टेक्नोलॉजी और AI के क्षेत्र में आगे बढ़ने का अवसर देते हैं.
चीन के मॉडल का उदाहरण देते हुए कामथ ने कहा कि वहां अलग-अलग प्रांतों और शहरों के प्रशासन के बीच विकास को लेकर प्रतिस्पर्धा देखने को मिलती है. उनके मुताबिक, चीन खुद को भले ही पूंजीवादी देश न कहे, लेकिन वहां राज्य स्तर पर होने वाली प्रतिस्पर्धा किसी कारोबारी मुकाबले जैसी लगती है. भारत भी अपने राज्यों को ज्यादा प्रतिस्पर्धी बनाकर इस मॉडल से सीख सकता है. उन्होंने सुझाव दिया कि मुख्यमंत्री अपने राज्य को एक कंपनी की तरह चलाने और उसके प्रदर्शन को बेहतर बनाने पर ध्यान दें.
निखिल कामथ शेयर बाजार से जुड़ी कंपनी जेरोधा के सह-संस्थापक हैं, जो भारत की प्रमुख ब्रोकरेज कंपनियों में शामिल है. स्कूल की पढ़ाई बीच में छोड़ने के बाद उन्होंने कारोबार की दुनिया में अपनी पहचान बनाई. उन्होंने लिशियस, नॉरिश यू, पी सेफ, सुबको और इलेक्ट्रिक स्कूटर कंपनी एथर जैसी कंपनियों में भी निवेश किया है. साल 2025 में उन्होंने अभिनेता शाहरुख खान और उनके बेटे आर्यन खान की कंपनी डी'यावोल स्पिरिट्स में 5 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदी थी.
कामथ कारोबार के अलावा परोपकार और पर्यावरण से जुड़े कार्यों में भी सक्रिय हैं. उन्होंने बिल गेट्स और वॉरेन बफेट की ओर से शुरू की गई 'गिविंग प्लेज' पहल पर हस्ताक्षर किए हैं. इसके तहत उन्होंने अपनी संपत्ति का कम से कम 50 प्रतिशत हिस्सा परोपकारी कार्यों के लिए दान करने का संकल्प लिया है.