DA Hike: केंद्रीय कर्मचारियों को महंगाई भत्ते और पेंशनभोगियों को महंगाई राहत का बेसब्री से इंतजार है. उम्मीद थी कि बीते बुधवार, 21 अक्टूबर को केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में डीए बढ़ोतरी का ऐलान हो जाएगा, मगर इस बार ऐसा नहीं हुआ. आमतौर पर डीए पर फैसला कैबिनेट बैठक में ही लिया जाता है, इसलिए कर्मचारियों की निराशा स्वाभाविक है.
अब अगले हफ्ते साप्ताहिक कैबिनेट बैठक होने की संभावना है और सबकी नजर उसी पर है. हालांकि एक सच यह भी है कि डीए बढ़ाने की घोषणा के लिए कैबिनेट बैठक जरूरी नहीं होती. वित्त मंत्रालय इसके बिना भी ऐलान कर सकता है. फिर भी पिछले कुछ सालों में ज्यादातर मौकों पर फैसला कैबिनेट बैठक में ही हुआ है.
महंगाई भत्ता केंद्र सरकार के कर्मचारियों को इसलिए दिया जाता है, ताकि उनके रहन-सहन के खर्च पर महंगाई का असर कम हो सके. पेंशनभोगियों को इसी तरह का लाभ महंगाई राहत के रूप में मिलता है. दोनों की गणना मूल वेतन यानी बेसिक पे या पेंशन के एक तय प्रतिशत के रूप में की जाती है.
केंद्र सरकार आमतौर पर साल में दो बार डीए और डीआर में संशोधन करती है. ये संशोधन 1 जनवरी और 1 जुलाई से लागू होते हैं. जनवरी वाले संशोधन की घोषणा अमूमन मार्च या अप्रैल में होती है, जबकि जुलाई वाले संशोधन का ऐलान अक्सर अक्टूबर में किया जाता है. इस बार कर्मचारी इसी जुलाई वाले संशोधन का इंतजार कर रहे हैं.
जनवरी से जून छमाही के डीए के ऐलान में भी देरी हुई थी. 18 अप्रैल 2026 को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने डीए और डीआर में 2 प्रतिशत की बढ़ोतरी को मंजूरी दी. इससे मूल वेतन या पेंशन पर मिलने वाली दर 58 से बढ़कर 60 प्रतिशत हो गई, जो 1 जनवरी 2026 से लागू है. यह बदलाव 7वें वेतन आयोग की सिफारिशों से जुड़े मंजूर फॉर्मूले पर आधारित है.
पिछले पांच वर्षों में सरकार ने जुलाई वाले डीए की घोषणा सितंबर के अंत से अक्टूबर के बीच की है. साल 2025 में यह घोषणा 1 अक्टूबर को हुई थी. 2024 में 16 अक्टूबर, 2023 में 18 अक्टूबर, 2022 में 28 सितंबर और 2021 में 21 अक्टूबर को ऐलान हुआ. यानी इस बार का इंतजार पिछले सालों के दायरे में ही है.