अमेठी: अगर आप अमेठी जिले के किसान हैं और आंधी तूफान या बढ़ते तापमान के कारण आपकी फल, फूल या सब्जी की फसल बर्बाद हो गई है तो अब घबराने की जरूरत नहीं है. उत्तर प्रदेश सरकार की फसल क्षति राहत योजना के तहत आप उद्यान विभाग में पंजीकरण कराकर नुकसान की भरपाई पा सकते हैं. जिला उद्यान अधिकारी ने किसानों से अपील की है कि जिनकी फसल में 33 फीसदी से अधिक नुकसान हुआ है वे तुरंत विभाग को सूचित करें.
अमेठी किसान मुआवजा योजना का लाभ जिले की चारों तहसीलों के किसान उठा सकते हैं. इनमें गौरीगंज, मुसाफिरखाना, अमेठी और तिलोई तहसील के किसान शामिल हैं. शर्त केवल यह है कि आवेदन करने वाले किसान के पास किसान पंजीकरण होना जरूरी है. जिन किसानों की फल, फूल और सब्जियों की फसल में प्राकृतिक आपदा से नुकसान हुआ है वे इस सरकारी सहायता के लिए पात्र माने जाएंगे.
उद्यान विभाग अमेठी में आवेदन के लिए किसानों को निम्नलिखित दस्तावेज जमा करने होंगे;
ये सभी दस्तावेज कार्य दिवस के दौरान उद्यान विभाग के कार्यालय में जमा करने होंगे. दस्तावेजों के सत्यापन के बाद पहले आओ पहले पाओ के आधार पर लाभ दिया जाएगा.
जिला उद्यान अधिकारी रणविजय सिंह ने बताया कि जिन किसानों की उद्यान फसलों या बागों में 33 फीसदी से अधिक क्षति हुई है वे तत्काल विभाग को सूचना दें. यदि किसी बाग में समूह के रूप में पेड़ गिरे हैं या अन्य फसलों का नुकसान हुआ है तो विभागीय टीम स्थलीय सर्वेक्षण करेगी. इसके बाद शासन की मंशा के अनुसार प्रभावित किसानों को राहत और सहायता दी जाएगी. किसानों से अपील है कि नुकसान की फोटो जल्द से जल्द कार्यालय में जमा करें.
प्राकृतिक आपदा फसल क्षति मुआवजे के लिए आवेदन की प्रक्रिया बेहद सरल है;
किसानों को सलाह है कि देरी न करें क्योंकि लाभ पहले आओ पहले पाओ के आधार पर दिया जाएगा.