Akhilesh Yadav on CM Yogi: उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करके बीजेपी सरकार पर निशाना साधा है. उन्होंने भारतीय जनता पार्टी पर तंज कसते हुए कहा कि जो पार्टी अपनों की सगी नहीं हो सकती वो जनता की क्या सगी होगी?
अखिलेश यादवन ने संविधान, आरक्षण और जातीय जनगणना के मुद्दें को लेकर बीजेपी को घेरने की कोशिश की. उन्होंने कहा कि बीजपी संविधान को बदलने की बात कहकर आरक्षण को अप्रत्यक्ष रूप से नकारती है.
कन्नौज से सांसद और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने एक्स पोस्ट में लिखा- 'BJP जिस तरह से संविधान को बदलने की बात कहकर आरक्षण को अप्रत्यक्ष रूप से नकारती है, उसी तरह से समाज-विभाजन की बात कहकर जातीय जनगणना को नकारती है. जन-विरोधी भाजपा ऐसी बातें सीधे कहने की बजाय अपने दशमुखियों से करवाती है और जब जन-विरोध बढ़ता है तो बेशर्मी से वापस लेने की बात भी करती है और मोहरे बने बेचारों से पल्ला झाड़ लेती है.'
भाजपा जिस तरह से संविधान को बदलने की बात कहकर ‘आरक्षण’ को अप्रत्यक्ष रूप से नकारती है, उसी तरह से समाज-विभाजन की बात कहकर ‘जातीय जनगणना’ को नकारती है। जन-विरोधी भाजपा ऐसी बातें सीधे कहने की बजाय अपने दशमुखियों से करवाती है और जब जन-विरोध बढ़ता है तो बेशर्मी से वापस लेने की बात भी…
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) August 29, 2024
उन्होंने आगे लिखा- 'ऐसे में वो बेचारे, जनता का आक्रोश झेलने के लिए मुंह ताकते रह जाते हैं बेसहारे. भाजपा अपनों की ही सगी नहीं है, जनता की क्या होगी. अलीगढ़ के खैर वाले कह रहे हैं कि इस बार भाजपा की खैर नहीं.'
उत्तर प्रदेश में 10 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव होने हैं. चुनाव को लेकर समाजवादी पार्टी और बीजेपी के बीच तकरार देखने को मिल रही है. न तो सपा और न ही बीजेपी एक दूसरे को घेरने का कोई मौका छोड़ रही है. एक ओर लोकसभा में खराब प्रदर्शन को सुधारने के लिए बीजेपी जीतोड़ मेहनत कर रही है. वहीं, सपा अपनी लोकसभा की लय को विधानसभा के उपचुनाव में भी बरकरार रखना चाहेगी.
इन 10 सीटों पर होने हैं उपचुनाव
यूपी के जिन विधानसभा सीटों पर उपचुनाव होने हैं उनमें हैं- , गाजियाबाद, फूलपुर, मझवां, कटेहरी, खैर, मीरापुर, करहल, मिल्कीपुर, सीसामऊ और कुंदरकी हैं. इनमें से 5 सीटें सपा तो पांच 4 सीटें बीजेपी के पास थी, जबकि एक सीट NDA की सहयोगी राष्ट्रीय लोक दल के पास थी. अब इन्हीं सीटों विजयी होने के लिए सपा और बीजेपी के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिल सकती है.