देवरिया: उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के रहने वाले 33 वर्षीय राकेश चौहान की मौत का मामला अब रहस्य बनता जा रहा है. राकेश मर्चेंट नेवी (व्यापारी जहाज) पर काम करते थे और नवंबर 2025 में वेनेजुएला गए थे. मई महीने में उनकी मौत हार्ट अटैक से बताई गई, लेकिन जब उनका शव भारत लाया गया तो परिवार और संगठन सकते में आ गए.
राकेश के शव में कोई भी इंटरनल ऑर्गन नहीं था. फेडरेशन ऑफ सीफेयर्स यूनियन ऑफ इंडिया (FSUI) ने X पर पोस्ट कर बताया कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि उनकी बॉडी से ब्रेन, दिल, दोनों फेफड़े, लीवर, किडनी, स्प्लीन, पैंक्रियास, स्टमक, आंतें, गला संबंधी अंग गायब थे. शव पर गर्दन से नीचे तक 22 टांके और कान से कान तक 21 टांके लगे थे. शव को लगभग एक महीने तक डीप फ्रीजर में रखा गया था. पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में मौत का कारण भी निर्धारित नहीं लिखा गया.
⚠️ SHOCKING CASE — Indian Seafarer #RakeshChauhan reported dead in #Venezuela.
— FSUI (@FSUIINDIA) June 30, 2026
Mortal remains sent back to his hometown in Uttar Pradesh without any autopsy report or details from Venezuelan authorities.
Family demanded re-autopsy. The official Post-Mortem Report conducted in… pic.twitter.com/4dGSZtPEfp
इसे लेकर राकेश के पिता रामदेव चौहान ने कहा कि कंपनी ने पहले बताया था कि राकेश जहाज पर गिर गए थे और इलाज चल रहा है. फिर अगले दिन बताया गया कि 95% संभावना है कि वो नहीं बचेंगे. शाम तक मौत की पुष्टि हो गई. परिवार को शुरू में एक हफ्ते में शव देने का वादा किया गया था, लेकिन शव एक महीने बाद 4 जून को पहुंचा. परिवार ने दोबारा पोस्टमॉर्टम की मांग की थी. जिला मजिस्ट्रेट के आदेश पर देवरिया में पोस्टमॉर्टम हुआ तो सच्चाई सामने आई.
सीफेयर्स यूनियन ने वेनेजुएला सरकार, भारतीय दूतावास और कंपनी Xfinity से जवाब मांगा है. यह वही कंपनी है, जिसने राकेश को जहाज पर भेजा था. उन्होंने कहा कि भारतीय नाविकों को विदेश में बलि का बकरा न बनाया जाए. पूरी जांच हो, जवाबदेही तय हो और परिवार को मुआवजा मिले.
आमतौर पर पोस्टमॉर्टम में कुछ अंग टेस्टिंग के लिए निकाले जाते हैं. लेकिन यहां किसी भी अंग की जानकारी या रिपोर्ट वेनेजुएला की तरफ से नहीं दी गई. न कंपनी ने कोई स्पष्ट जवाब दिया. यह मामला भारतीयों के विदेश में सुरक्षा और पारदर्शिता का सवाल उठा रहा है. परिवार न्याय की मांग कर रहा है.