अलवर: उच्च शिक्षा को लेकर एक बड़ा खुलासा सामने आया है. University Grants Commission यानी UGC ने राजस्थान के एक कॉलेज को फर्जी घोषित किया है और छात्रों को सतर्क रहने की चेतावनी दी है.
UGC ने घोषणा की है कि राजीव गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट, अलवर में एक फर्ज़ी संस्थान है. इसका सीधा मतलब है कि यह संस्थान सरकार या यूजीसी से मान्यता प्राप्त नहीं है और यहां दी जाने वाली डिग्रियां पूरी तरह अमान्य हैं.
📢 UGC has declared Rajeev Gandhi Institute of Technology & Management, Alwar (Rajasthan) as a fake institution.
— UGC INDIA (@ugc_india) March 28, 2026
⚠️ The institute is not recognised and is not authorised to award any UG/PG degrees. Any degree issued by it is not valid for higher education or government… pic.twitter.com/CsuxNMu8oW
यूजीसी ने अपने नोटिस में स्पष्ट कहा है कि इस संस्थान से UG या PG की डिग्री लेने वाले छात्रों को भविष्य में भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है. ऐसी डिग्रियां न तो आगे की पढ़ाई के लिए मान्य होंगी और न ही सरकारी नौकरी में स्वीकार की जाएंगी.
साल 2026 की शुरुआत में यूजीसी ने देशभर में ऐसे फर्जी संस्थानों के खिलाफ अभियान शुरू किया था. जांच के दौरान 12 राज्यों में कुल 32 ऐसे संस्थान सामने आए, जो बिना अनुमति के खुद को यूनिवर्सिटी या कॉलेज बताकर छात्रों को गुमराह कर रहे थे. इनमें सबसे ज्यादा 12 संस्थान दिल्ली में पाए गए.
यूजीसी ने बताया कि यह संस्थान UGC Act 1956 के सेक्शन 2(f) और सेक्शन 3 के तहत मान्यता प्राप्त नहीं है. इसका मतलब है कि इसे न तो विश्वविद्यालय का दर्जा मिला है और न ही डिग्री देने का अधिकार.
विशेषज्ञों का कहना है कि छात्रों को किसी भी कॉलेज या यूनिवर्सिटी में एडमिशन लेने से पहले उसकी मान्यता जरूर जांचनी चाहिए. यूजीसी की आधिकारिक वेबसाइट पर मान्यता प्राप्त संस्थानों की सूची उपलब्ध होती है, जिससे सही जानकारी मिल सकती है.
यूजीसी ने छात्रों और अभिभावकों से अपील की है कि वे ऐसे फर्जी संस्थानों से दूर रहें और किसी भी संदिग्ध कॉलेज के बारे में तुरंत शिकायत करें. यह कदम छात्रों के भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए बेहद जरूरी है.