जयपुर: राजस्थान में दिन के साथ-साथ रात में भी तापमान बढ़ने से लोगों को कोई राहत नहीं मिल रही है. मंगलवार को मौसम विभाग ने राज्य के पांच जिलों के लिए 'ऑरेंज' अलर्ट और अन्य पांच जिलों के लिए 'येलो' अलर्ट जारी किया. अनुमान है कि अगले तीन से चार दिनों तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में भीषण गर्मी और लू की स्थिति बनी रहेगी.
पिछले 24 घंटों में राजस्थान के कई शहरों में तापमान 45 से 47 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया. चित्तौड़गढ़ और पिलानी सबसे गर्म स्थान रहे, जहां अधिकतम तापमान 46.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया. वहीं सीकर और उदयपुर में इस मौसम का अब तक का सबसे गर्म दिन दर्ज किया गया.
मौसम विभाग के अनुसार लू का सबसे ज्यादा असर पश्चिमी राजस्थान के जिलों गंगानगर, बीकानेर, फलोदी, जैसलमेर, बाड़मेर और जोधपुर में देखने को मिलेगा. इसके अलावा पूर्वी राजस्थान में करौली, दौसा और अलवर में तापमान 43 से 45 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की उम्मीद है. कोटा संभाग के कुछ जिलों के लिए भी लू की स्थिति को देखते हुए 'येलो' अलर्ट जारी किया गया है, जो अगले तीन से चार दिनों तक प्रभावी रहेगा.
राज्य की राजधानी जयपुर में सोमवार को अधिकतम तापमान 43.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि रात का तापमान 30.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया. यह इस मौसम में चौथी बार है जब जयपुर में पारा 43 डिग्री के आंकड़े को पार कर गया है. उदयपुर में भी डबोक मौसम केंद्र ने 43.3 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया. जो इस मौसम में शहर में दर्ज किया गया अब तक का सबसे अधिक तापमान है.
झुलसा देने वाली गर्मी के बीच पूरे राज्य में पीने के पानी का संकट भी लगातार गंभीर होता जा रहा है. राज्य के 315 शहरों और कस्बों में से 205 शहर इस समय पानी की कमी से जूझ रहे हैं. 30 शहरों में हर तीन दिन में एक बार और 24 शहरों में हर चार दिन में एक बार पानी की सप्लाई की जा रही है. जयपुर और अजमेर जैसे बड़े शहरों में भी पानी वितरण नेटवर्क के आखिरी छोर वाले इलाकों तक पर्याप्त पानी नहीं पहुंच पा रहा है.
इस स्थिति से निपटने के लिए जल आपूर्ति विभाग ने 575 टीमें तैनात की हैं, और प्रत्येक जिला कलेक्टर को ₹1 करोड़ का आपातकालीन बजट उपलब्ध कराया गया है.
मौसम विभाग का अनुमान है कि गर्मी से तत्काल राहत मिलने की संभावना बहुत कम है. अगले कुछ दिनों तक अधिकतम तापमान सामान्य स्तर से 3 से 5 डिग्री सेल्सियस अधिक रहने की उम्मीद है. कई जिलों में रात का तापमान भी 30 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना रहने से निवासियों को उमस और गर्म हवाओं का सामना करना पड़ेगा.