जयपुर: राजस्थान में राज्य सरकार ने 65 आईएएस अधिकारियों के तबादले किए हैं. इस व्यापक फेरबदल का असर कई जिलों और महत्वपूर्ण विभागों में देखने को मिलेगा. राजधानी जयपुर सहित कई बड़े जिलों में नए कलेक्टरों की नियुक्ति की गई है, जिससे प्रशासनिक ढांचे में नई ऊर्जा आने की उम्मीद है.
इस फेरबदल में सबसे अहम नियुक्ति के रूप में संदेश नायक को जयपुर का नया जिला कलेक्टर और जिला मजिस्ट्रेट बनाया गया है. वहीं डॉ. जितेंद्र कुमार सोनी को मुख्यमंत्री सचिवालय में सचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई है. इसके साथ ही उन्हें सूचना एवं जनसंपर्क विभाग का अतिरिक्त कार्यभार भी दिया गया है, जिससे उनकी भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण हो गई है.
पंचायतीराज और स्वास्थ्य विभाग में भी बदलाव किए गए हैं. डॉ. जोगाराम को पंचायतीराज विभाग का सचिव और आयुक्त बनाया गया है, साथ ही उन्हें राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के निदेशक की जिम्मेदारी भी दी गई है. वहीं राजन विशाल को जल जीवन मिशन का मिशन निदेशक नियुक्त किया गया है, जो राज्य में पेयजल योजनाओं के संचालन में अहम भूमिका निभाएंगे.
जोधपुर संभाग में भी बड़ा बदलाव हुआ है. कन्हैया लाल स्वामी को संभागीय आयुक्त नियुक्त किया गया है, जबकि Jodhpur के लिए आलोक रंजन को नया जिला कलेक्टर बनाया गया है. इसके अलावा जयपुर नगर निगम में ओम प्रकाश कसेरा को आयुक्त और स्मार्ट सिटी का मुख्य कार्यकारी अधिकारी नियुक्त किया गया है.
वित्त और खनन जैसे अहम विभागों में भी नई जिम्मेदारियां दी गई हैं. शिवांगी स्वर्णकार को वित्त विभाग में विशिष्ट शासन सचिव बनाया गया है, जबकि नम्रता वृष्णि को खान एवं पेट्रोलियम विभाग में विशिष्ट शासन सचिव नियुक्त किया गया है. नमित मेहता को आबकारी विभाग में आयुक्त बनाया गया.
जिलों में बड़े स्तर पर कलेक्टरों के तबादले किए गए हैं. अनुपमा जोखाल को जैसलमेर, गौरव अग्रवाल को उदयपुर, चिनमयी गोपाल को बाड़मेर, शुभम चौधरी को प्रतापगढ़ और आशीष मोदी को सीकर का कलेक्टर नियुक्त किया गया है. अंकित कुमार सिंह को फलौदी जिले की जिम्मेदारी सौंपी गई है.
औद्योगिक और विकास से जुड़े विभागों में भी बदलाव किए गए हैं. सुरेश कुमार ओला को रीको का प्रबंध निदेशक और डीएमआईसी जयपुर का आयुक्त बनाया गया है, जबकि अरविंद कुमार पोसवाल को राजस्थान आवासन मंडल का आयुक्त नियुक्त किया गया है.
वहीं अजमेर जिले में प्रशासनिक स्थिति लगभग स्थिर बनी हुई है. यहां केवल एक आईएएस अधिकारी देशलदान का तबादला कर उन्हें डूंगरपुर का कलेक्टर बनाया गया है. कलेक्टर लोकबंधु को उनके पद पर ही बनाए रखा गया है, जिससे प्रशासनिक निरंतरता बनी रहे.