जयपुर: पीएम नरेंद्र मोदी 21 अप्रैल को राजस्थान दौरे पर पहुंचेंगे, जहां वे बालोतरा जिले में स्थित पचपदरा रिफाइनरी के पहले चरण का उद्घाटन करेंगे. करीब 79 हजार करोड़ रुपए की लागत से तैयार यह मेगा प्रोजेक्ट राज्य के औद्योगिक विकास में एक बड़ा मील का पत्थर माना जा रहा है. प्रधानमंत्री का यह दौरा खास इसलिए भी है क्योंकि वह दो महीने के भीतर दूसरी बार राजस्थान आ रहे हैं.
पचपदरा रिफाइनरी को पश्चिमी राजस्थान के लिए गेमचेंजर प्रोजेक्ट माना जा रहा है. इसके शुरू होने से बाड़मेर और जैसलमेर जैसे सीमावर्ती जिलों में औद्योगिक गतिविधियां बढ़ेंगी. इससे इंफ्रास्ट्रक्चर, लॉजिस्टिक्स और सहायक उद्योगों को भी गति मिलेगी. साथ ही क्षेत्र में निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है.
इस परियोजना के पहले चरण के लिए जनवरी 2026 से ट्रायल रन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. अधिकारियों के अनुसार उद्घाटन के बाद जल्द ही कमर्शियल उत्पादन शुरू कर दिया जाएगा. इससे राज्य को आर्थिक लाभ मिलने लगेगा और पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति भी मजबूत होगी.
इस रिफाइनरी का इतिहास भी काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा है. इसका पहला शिलान्यास 22 सितंबर 2013 को सोनिया गांधी ने किया था, जब राज्य में अशोक गहलोत के नेतृत्व में सरकार थी. उस समय इसकी लागत 37,230 करोड़ रुपए आंकी गई थी. बाद में 16 जनवरी 2018 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसका दोबारा शुभारंभ किया और लागत बढ़कर 43,129 करोड़ रुपए हो गई.
समय के साथ परियोजना की लागत में लगातार बढ़ोतरी होती रही. जून 2023 तक यह 72,937 करोड़ रुपए पहुंच गई, जबकि भजन लाल शर्मा के कार्यकाल में जुलाई 2025 में संशोधित प्रस्ताव के बाद कुल लागत बढ़कर 79,459 करोड़ रुपए हो गई.
यह परियोजना Hindustan Petroleum Corporation Limited और राजस्थान सरकार का संयुक्त उपक्रम है, जिसे एचआरआरएल के तहत विकसित किया गया है. यह देश की आधुनिक बीएस-6 मानक वाली रिफाइनरियों में शामिल है और इसमें ‘जीरो लिक्विड डिस्चार्ज’ तकनीक का उपयोग किया गया है, जिससे पर्यावरण को नुकसान नहीं होगा.
रिफाइनरी की सालाना क्षमता 9 मिलियन टन कच्चे तेल की है, जबकि 2 मिलियन टन क्षमता का पेट्रोकेमिकल प्लांट भी यहां स्थापित किया गया है. इसके लिए कच्चा तेल अरब देशों और राजस्थान दोनों से लाया जाएगा.
इसके साथ ही लॉजिस्टिक्स को मजबूत करने के लिए बालोतरा से पचपदरा तक नई रेलवे लाइन बिछाने की योजना है, जिससे माल ढुलाई आसान होगी. इससे पूरे क्षेत्र के आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी.