menu-icon
India Daily

गाजियाबाद में लाखों की नकदी के साथ पकड़ाए दो युवक, हवाला नेटवर्क से जुड़े तार

गाजियाबाद के लिंक रोड थाना क्षेत्र में पुलिस चेकिंग के दौरान बाइक सवार दो युवकों से 24 लाख रुपये नकद बरामद किए गए हैं. इस मामले से फर्जी जीएसटी फर्मों और बड़े हवाला नेटवर्क का भंडाफोड़ हुआ है.

KanhaiyaaZee
गाजियाबाद में लाखों की नकदी के साथ पकड़ाए दो युवक, हवाला नेटवर्क से जुड़े तार
Courtesy: Social Media

गाजियाबाद: उत्तर प्रदेश के औद्योगिक शहर गाजियाबाद से देर रात एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है. स्थानीय लिंक रोड थाना पुलिस द्वारा की जा रही नियमित नाकाबंदी और चेकिंग के दौरान मोटरसाइकिल पर घूम रहे दो संदिग्ध युवकों को रोककर जब उनकी तलाशी ली गई, तो उनके पास से लाखों रुपये की नकदी बरामद हुई. आरोपियों के मोबाइल खंगालने पर टैक्स चोरी का एक बड़ा अंतरराष्ट्रीय मकड़जाल सामने आया है.

पुलिस प्रशासन से प्राप्त जानकारी के मुताबिक यह पूरी घटना 23 मई की रात करीब साढ़े नौ से दस बजे के बीच की है. पुलिस टीम सनसाइन बॉर्डर पर संदिग्ध वाहनों और व्यक्तियों की सघन चेकिंग का अभियान चला रही थी. इसी दौरान दिल्ली की तरफ से आ रही एक पल्सर बाइक पर सवार दो युवकों को रोककर जब उनके बैग की जांच की गई, तो उसमें से 24 लाख रुपये के नोट बरामद हुए. इतनी बड़ी रकम देखकर पुलिस अधिकारी भी हैरान रह गए.

मेरठ के रहने वाले हैं दोनों आरोपी

पुलिस हिरासत में लिए गए दोनों आरोपियों की पहचान राशिद पुत्र शमशेर अली और सुहेल पुत्र लियाकत अली के रूप में की गई है. जांच में सामने आया है कि ये दोनों आरोपी मूल रूप से उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के निवासी हैं, लेकिन वर्तमान में वे दिल्ली के मुस्तफाबाद और भागीरथी विहार इलाके में छिपकर रह रहे थे. पुलिस ने दोनों के पास से बरामद की गई पल्सर मोटरसाइकिल और अवैध नकदी को तुरंत अपने कब्जे में ले लिया है.

मोबाइल ने खोले हवाला नेटवर्क के राज

थाने लाकर जब दोनों आरोपियों से कड़ी पूछताछ की गई, तो वे इस भारी-भरकम रकम का कोई भी वैध दस्तावेज या संतोषजनक जवाब नहीं दे सके. पुलिस ने जब शक के आधार पर दोनों आरोपियों के स्मार्टफोन को तकनीकी रूप से खंगाला, तो उसमें व्हाट्सएप चैट और कॉल रिकॉर्ड्स के जरिए करोड़ों रुपये के संदिग्ध ट्रांजेक्शन और बड़े हवाला कारोबार की परतें खुलती चली गईं. इसमें पहले भी कई बार मोटी रकम इधर से उधर भेजने के पुख्ता सबूत मिले हैं.

दिल्ली और हरियाणा में फर्जी फर्में सक्रिय

डिजिटल जांच के दौरान पुलिस को आरोपियों के पास से 10 ऐसी संदिग्ध जीएसटी फर्मों की सूची और दस्तावेज मिले हैं, जो पूरी तरह फर्जी दस्तावेजों पर चल रही थीं. इनमें से नौ व्यावसायिक फर्में देश की राजधानी दिल्ली में और एक फर्म हरियाणा राज्य में रजिस्टर्ड है. पुलिस को अंदेशा है कि इन मुखौटा कंपनियों के जरिए बिना किसी वास्तविक माल के करोड़ों रुपये की फर्जी बिलिंग की जा रही थी और बड़े पैमाने पर सरकारी टैक्स की चोरी हो रही थी.

आयकर और जीएसटी विभाग हुए अलर्ट

साहिबाबाद के सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) अमित सक्सेना ने मीडिया को बताया कि पकड़े गए आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर पूरे नेटवर्क की गहन तफ्तीश शुरू कर दी गई है. इस महाघोटाले की गंभीरता को देखते हुए गाजियाबाद पुलिस ने केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर (CGST) विभाग और आयकर विभाग (Income Tax) को भी आधिकारिक रिपोर्ट भेज दी है. अब ये दोनों केंद्रीय एजेंसियां भी इस मनी लॉन्ड्रिंग और टैक्स चोरी की जांच में शामिल हो गई हैं.