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India Daily

निलंबित डीआईजी हरचरण सिंह भुल्लर की बढ़ी मुश्किलें, सीबीआई कोर्ट ने खारिज की अर्जी; भ्रष्टाचार मामले में तय हुए आरोप

सीबीआई की विशेष अदालत ने निलंबित डीआईजी हरचरण सिंह भुल्लर और कथित बिचौलिए कृष्णु शारदा की आरोपमुक्त करने की अर्जी खारिज कर दी है.

Ashutosh
Edited By: Ashutosh Rai
निलंबित डीआईजी हरचरण सिंह भुल्लर की बढ़ी मुश्किलें, सीबीआई कोर्ट ने खारिज की अर्जी; भ्रष्टाचार मामले में तय हुए आरोप
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पंजाब के चर्चित रिश्वत मामले में निलंबित डीआईजी हरचरण सिंह भुल्लर को बड़ा झटका लगा है. सीबीआई की विशेष अदालत ने उन्हें और सह-आरोपी कृष्णु शारदा को राहत देने से इनकार करते हुए भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आरोप तय कर दिए हैं. अब मामले की सुनवाई तय तारीख से शुरू होगी.

अदालत ने आरोपमुक्त करने की अर्जी की खारिज

आठ लाख रुपये रिश्वत मामले में सीबीआई की विशेष अदालत ने निलंबित डीआईजी हरचरण सिंह भुल्लर और कथित बिचौलिए कृष्णु शारदा की डिस्चार्ज एप्लीकेशन खारिज कर दी. दोनों ने अदालत से खुद को आरोपमुक्त करने की मांग की थी. उनका कहना था कि सीबीआई ने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर कार्रवाई की और गिरफ्तारी की प्रक्रिया कानून के अनुसार नहीं थी. भुल्लर की ओर से यह भी दलील दी गई कि वह पंजाब सरकार के अधिकारी हैं, इसलिए उनके खिलाफ सीधे कार्रवाई नहीं की जा सकती थी. हालांकि अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद माना कि सीबीआई के पास पर्याप्त शुरुआती सबूत मौजूद हैं. इसके बाद अदालत ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत आरोप तय कर दिए और मुकदमे की सुनवाई आगे बढ़ाने का फैसला सुनाया.

सीबीआई ने अदालत में रखा अपना पक्ष

सीबीआई ने अदालत को बताया कि भुल्लर को पंजाब के मोहाली स्थित कार्यालय से केवल पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया था. इसके बाद उन्हें चंडीगढ़ स्थित सीबीआई कार्यालय लाया गया, जहां पूछताछ और जांच के दौरान मिले तथ्यों के आधार पर औपचारिक गिरफ्तारी की गई. जांच एजेंसी का कहना था कि गिरफ्तारी पूरी तरह कानूनी प्रक्रिया के तहत हुई. अदालत ने सीबीआई की दलीलों को स्वीकार करते हुए कहा कि रिकॉर्ड पर मौजूद सामग्री ट्रायल चलाने के लिए पर्याप्त है. अदालत ने मामले की अगली सुनवाई के लिए दो गवाहों को समन भी जारी कर दिए हैं. अब इस केस में तय तारीख से नियमित सुनवाई शुरू होगी.

रिश्वत और संपत्ति जांच से बढ़ी मुश्किलें

यह मामला मंडी गोबिंदगढ़ के कारोबारी आकाश बत्ता की शिकायत के बाद सामने आया था. शिकायत में आरोप लगाया गया था कि एक आपराधिक मामले में कार्रवाई से बचाने के नाम पर आठ लाख रुपये की रिश्वत मांगी गई थी. शिकायत के बाद सीबीआई ने कार्रवाई करते हुए भुल्लर और कृष्णु शारदा को गिरफ्तार किया. जांच के दौरान भुल्लर के सेक्टर-40 स्थित घर पर छापेमारी में करीब साढ़े सात करोड़ रुपये नकद, लगभग ढाई किलो सोना और कई महंगी घड़ियां मिलने का दावा किया गया. इसके बाद उनके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का अलग मामला भी दर्ज किया गया. इसी मामले को आधार बनाकर प्रवर्तन निदेशालय ने भी मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू कर दी है. ऐसे में आने वाले दिनों में दोनों आरोपियों की कानूनी मुश्किलें और बढ़ सकती हैं.