चंडीगढ़: पंजाब में मुख्यमंत्री भगवंत मान की सरकार की ओर से अलग-अलग वर्गों के लिए कई योजनाएं चलाई जा रही हैं. इनका उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत करना, लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना, बिजली का खर्च कम करना और युवाओं को रोजगार के अवसर देना है.
इनमें मुख्यमंत्री मावां-धीयां सत्कार योजना, मुख्यमंत्री सेहत योजना, मुफ्त घरेलू बिजली, आम आदमी क्लीनिक और सरकारी रोजगार से जुड़ी पहल प्रमुख हैं.
महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री मावां-धीयां सत्कार योजना शुरू की गई है. योजना के तहत पात्र सामान्य वर्ग की महिलाओं को हर महीने 1,000 रुपये और अनुसूचित जाति वर्ग की पात्र महिलाओं को 1,500 रुपये की आर्थिक सहायता देने का प्रावधान बताया गया है. राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खाते में भेजी जाती है.
इस योजना का उद्देश्य महिलाओं को अपनी रोजमर्रा की जरूरतों के लिए आर्थिक रूप से अधिक सक्षम बनाना है.
पंजाब सरकार की मुख्यमंत्री सेहत योजना का उद्देश्य राज्य के नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराना है. इसके तहत पात्र लाभार्थियों को सूचीबद्ध अस्पतालों में कैशलेस इलाज की सुविधा देने का प्रावधान है. योजना के तहत 10 लाख रुपये तक के स्वास्थ्य कवर की सुविधा बताई गई है.
इसका मकसद गंभीर बीमारी या महंगे इलाज की स्थिति में परिवार पर पड़ने वाले आर्थिक बोझ को कम करना है.
पंजाब में घरेलू उपभोक्ताओं के लिए हर महीने 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली की सुविधा सरकार की प्रमुख योजनाओं में शामिल है. इसका उद्देश्य घरेलू बिजली खर्च को कम करना है. इस योजना से पात्र परिवारों को बिजली बिल में राहत मिलती है और कई परिवारों का बिल शून्य भी हो सकता है.
पंजाब में लोगों को उनके आसपास प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए आम आदमी क्लीनिक संचालित किए जा रहे हैं. इन क्लीनिकों में मरीजों को डॉक्टर से परामर्श, विभिन्न जांच और जरूरत के अनुसार दवाइयां उपलब्ध कराने की व्यवस्था है.
इसका उद्देश्य लोगों को छोटी बीमारियों और सामान्य स्वास्थ्य समस्याओं के लिए दूर स्थित बड़े अस्पतालों पर निर्भरता कम करना है.
भगवंत मान सरकार की ओर से युवाओं को सरकारी रोजगार उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया है. सरकार का दावा है कि उसके कार्यकाल में हजारों युवाओं को सरकारी नौकरियां दी गई हैं. भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और योग्यता को प्राथमिकता देने की बात कही जाती है.
सरकारी नौकरी के अलावा युवाओं के लिए रोजगार और कौशल से जुड़े अवसर बढ़ाना भी सरकार के एजेंडे में शामिल रहा है.