अमृतसर के भंडारी पुल पर शुक्रवार देर रात दीवारों पर खालिस्तान और गुरपतवंत सिंह पन्नू से जुड़े नारे लिखे जाने के बाद पुलिस सक्रिय हो गई. घटना की जानकारी मिलते ही कमिश्नरेट पुलिस ने आरोपियों की पहचान के लिए जांच शुरू की. पुलिस टीमों ने तकनीकी साधनों और अन्य जांच माध्यमों का इस्तेमाल किया. कार्रवाई तेजी से आगे बढ़ी और घटना के कुछ ही घंटों बाद दो युवकों को गिरफ्तार कर लिया गया.
डीसीपी जसकरण सिंह तेजा के अनुसार गिरफ्तार किए गए युवकों की पहचान अर्शदीप सिंह और मंगल सिंह के रूप में हुई है. अर्शदीप झब्बाल रोड स्थित वरियाम सिंह कॉलोनी का रहने वाला है, जबकि मंगल सिंह खजाना गेट क्षेत्र की उसी कॉलोनी से बताया गया है. पुलिस के मुताबिक दोनों की उम्र क्रमशः 23 और 26 साल है. दोनों पेशे से मजदूर हैं और फिलहाल पुलिस उनसे पूछताछ कर रही है.
पुलिस की शुरुआती जांच में अर्शदीप सिंह के एक विदेशी हैंडलर के संपर्क में होने की जानकारी सामने आई है. अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि दीवार पर नारे लिखने के पीछे वास्तविक उद्देश्य क्या था और क्या इसके लिए आरोपियों को किसी तरह की रकम दी गई थी. पुलिस इस संपर्क से जुड़े तथ्यों की भी जांच कर रही है. पूछताछ के आधार पर आगे की तस्वीर साफ होने की उम्मीद है.
मामले में गुरपतवंत सिंह पन्नू का नाम भी जांच के दौरान सामने आया है. पुलिस के अनुसार, आरोप है कि दोनों युवकों ने उसके इशारे पर दीवार पर नारे लिखे थे. पुलिस ने यह भी संज्ञान में लिया है कि पन्नू की ओर से सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी किया गया था, जिसमें दीवार पर लिखे नारों का उल्लेख किया गया. हालांकि, पुलिस इस वीडियो और घटना के बीच संबंध से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है.
घटना के बाद पुलिस ने इलाके में लगे कैमरों की फुटेज और तकनीकी जानकारी खंगालनी शुरू की. इसी कैमरा ट्रेल की मदद से पुलिस को संदिग्धों तक पहुंचने में सफलता मिली. इसके बाद दोनों युवकों को गिरफ्तार किया गया. पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि नारे लिखने की योजना कैसे बनी, दोनों की भूमिका क्या थी और उनके संपर्क में कौन-कौन लोग थे.