पंजाब के चर्चित कोटकपूरा गोलीकांड मामले में शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल को अदालत से राहत मिली है. चंडीगढ़ जिला अदालत ने उन्हें सीमित अवधि के लिए विदेश यात्रा की मंजूरी दी है. हालांकि अदालत ने साफ किया है कि अगली सुनवाई से पहले उनकी भारत वापसी अनिवार्य होगी.
चंडीगढ़ जिला अदालत ने सुखबीर सिंह बादल को 7 जुलाई से 11 जुलाई तक विदेश जाने की अनुमति दी है. अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि उन्हें 18 जुलाई को होने वाली अगली सुनवाई से पहले हर हाल में भारत लौटना होगा. सुनवाई के दौरान सुखबीर के वकील ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए उस देश का नाम सार्वजनिक नहीं किया, जहां उनके मुवक्किल जाने वाले हैं. वकील ने अदालत को बताया कि सुखबीर सिंह बादल को सुरक्षा एजेंसियों की ओर से जेड श्रेणी की सुरक्षा मिली हुई है. इसी वजह से विदेश यात्रा की पूरी जानकारी सार्वजनिक करना उचित नहीं माना गया.
सुनवाई के दौरान पंजाब सरकार की ओर से पेश वकील ने सुखबीर सिंह बादल की विदेश यात्रा का विरोध किया. सरकार का कहना था कि कोटकपूरा गोलीकांड मामले में वह मुख्य आरोपितों में शामिल हैं और उन पर जांच को प्रभावित करने के आरोप भी पहले लग चुके हैं. सरकारी पक्ष ने अदालत से उनकी विदेश यात्रा की अनुमति रद्द करने की मांग की. दूसरी ओर बचाव पक्ष ने कहा कि विदेश यात्रा का उद्देश्य किसी भी तरह से मुकदमे को प्रभावित करना नहीं है. दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने सीमित अवधि के लिए विदेश यात्रा की अनुमति देते हुए समय पर लौटने की शर्त लगाई.
कोटकपूरा और बहिबल कलां गोलीकांड 14 अक्टूबर 2015 को बरगाड़ी बेअदबी मामले के विरोध प्रदर्शन के दौरान हुआ था. प्रदर्शनकारियों पर पुलिस फायरिंग में बहिबल कलां के दो लोगों की मौत हुई थी, जबकि कोटकपूरा में कई लोग घायल हुए थे. यह मामला पंजाब की राजनीति और कानून व्यवस्था से जुड़ा सबसे चर्चित मामलों में गिना जाता है. बाद में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के निर्देश पर इस मामले का ट्रायल चंडीगढ़ स्थानांतरित कर दिया गया. अब अदालत में नियमित सुनवाई चल रही है और इस मामले की अगली अहम सुनवाई 18 जुलाई को तय की गई है.