पंजाब सरकार ने मुख्यमंत्री सेहत योजना (MMSY) के जरिए कान, नाक और गले (ENT) के मरीजों को बड़ी राहत दी है. हजारों मरीजों की मुफ्त सर्जरी कराई गई है. स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि समय पर जांच और इलाज कराने से गंभीर बीमारी और बड़ी सर्जरी की जरूरत से बचा जा सकता है.
पंजाब के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने लोगों से अपील की है कि कान, नाक और गले से जुड़ी किसी भी परेशानी को लंबे समय तक नजरअंदाज न करें. उन्होंने कहा कि अगर बीमारी की पहचान शुरुआती दौर में हो जाए तो इलाज आसान हो जाता है और मरीज को बड़ी सर्जरी की जरूरत नहीं पड़ती. मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत सरकारी और सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में अब तक 2,030 मरीजों की एडवांस्ड ENT सर्जरी मुफ्त में की जा चुकी है. इन सर्जरी पर सरकार ने लगभग 5.25 करोड़ रुपये खर्च किए हैं. उनका कहना है कि यह योजना आम लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा देने की दिशा में बड़ा कदम है.
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार पिछले पांच महीनों में मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत करीब 1,050 कान की सर्जरी कराई गई हैं, जिन पर लगभग 2.9 करोड़ रुपये खर्च हुए. वहीं नाक और साइनस से जुड़ी करीब 900 सर्जरी पर 2.1 करोड़ रुपये से अधिक की राशि खर्च की गई. इन प्रक्रियाओं में टिम्पैनोप्लास्टी, सेप्टोप्लास्टी और एंडोस्कोपिक साइनस सर्जरी जैसी आधुनिक तकनीकें शामिल हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि इस योजना से आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को बड़ा फायदा मिला है. पहले जिन सर्जरी का खर्च उठाना मुश्किल था, अब वे बिना पैसे दिए इलाज करा पा रहे हैं.
रूपनगर सिविल अस्पताल की ENT विशेषज्ञ डॉ. निधि गुप्ता ने बताया कि कई लोग कान से लगातार पानी या मवाद आना, सुनने की क्षमता कम होना, नाक का लंबे समय तक बंद रहना या मुंह में छाले होने जैसी समस्याओं को मामूली समझकर टाल देते हैं. उन्होंने कहा कि ऐसी लापरवाही भविष्य में गंभीर बीमारी का कारण बन सकती है. डॉक्टरों ने लोगों को सलाह दी कि अगर मुंह का कोई छाला दो सप्ताह से ज्यादा समय तक ठीक न हो, आवाज लगातार बैठी रहे, बार-बार साइनस का संक्रमण हो या कान से लगातार पानी आए तो तुरंत विशेषज्ञ से जांच करानी चाहिए।