Punjab Flood Crisis: पंजाब में आई बाढ़ ने हालात बेहद गंभीर कर दिए हैं. फसलें तबाह हो चुकी हैं, गांवों में पानी भर गया है और जनजीवन अस्त-व्यस्त है. इस बीच पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता शिवराज सिंह चौहान ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर पोस्ट साझा करते हुए जानकारी दी कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं पंजाब की स्थिति को लेकर अत्यंत चिंतित हैं और उनके निर्देश पर वे हालात का जायजा लेने पंजाब पहुंचे.
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि पंजाब इस समय जलप्रलय जैसी स्थिति का सामना कर रहा है. हजारों एकड़ खेत डूब गए हैं, जिससे किसानों को भारी नुकसान हुआ है. उन्होंने स्पष्ट किया कि संकट की इस घड़ी में केंद्र सरकार पंजाब की जनता और किसानों के साथ मजबूती से खड़ी है.
पंजाब में बाढ़ की जो परिस्थितियां हैं, उससे आदरणीय प्रधानमंत्री जी अत्यंत चिंतित हैं । उन्हीं के निर्देश पर मैं वहां के हालात समझने पंजाब गया था।
पंजाब में जलप्रलय की स्थिति है। फसलें तबाह और बर्बाद हो गई हैं। संकट की इस घड़ी में केंद्र सरकार पंजाब की जनता और किसानों के साथ खड़ी… pic.twitter.com/zSjfttbvh6— Shivraj Singh Chouhan (@ChouhanShivraj) September 5, 2025Also Read
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उन्होंने बताया कि पंजाब को इस संकट से बाहर निकालने के लिए अल्पकालिक, मध्यकालिक और दीर्घकालिक योजनाएं बनानी होंगी. अल्पकालिक योजना में राहत और पुनर्वास का कार्य शामिल होगा, जबकि मध्यम और दीर्घकालिक योजनाओं के तहत बाढ़ नियंत्रण संरचनाओं को मजबूत करना और भविष्य के लिए स्थायी समाधान तैयार करना होगा. शिवराज ने कहा कि जब पानी उतरेगा तो बीमारियों का खतरा बढ़ जाएगा. इसलिए मरे हुए पशुओं का सुरक्षित निस्तारण करना और खेतों में जमा सिल्ट को हटाने की योजना बनानी होगी, ताकि अगली फसल सुरक्षित रह सके.
उन्होंने अतीत का जिक्र करते हुए कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी के प्रधानमंत्री रहते और प्रकाश सिंह बादल के मुख्यमंत्री रहते समय सतलुज, ब्यास, रावी और घग्गर नदियों के किनारों पर बांध ऊंचे और मजबूत किए गए थे, जिससे बाढ़ नियंत्रण में मदद मिली थी लेकिन अवैध खनन के कारण ये संरचनाएं कमजोर हो गईं और इस बार गांवों में पानी भर गया. उन्होंने मांग की कि भविष्य में ऐसी त्रासदी से बचने के लिए इन संरचनाओं को फिर से मजबूत करना जरूरी है.
शिवराज सिंह चौहान ने पंजाब में समाजसेवियों के योगदान की सराहना की. उन्होंने कहा कि हजारों लोग अपने ट्रैक्टरों में भोजन, कपड़े और दवाइयां लेकर बाढ़ प्रभावित गांवों तक पहुंचे और सेवा का उदाहरण पेश किया. चौहान ने इसे ‘पीड़ित मानवता की सेवा ही भगवान की पूजा’ बताया. उन्होंने विश्वास जताया कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर इस संकट से पंजाब को बाहर निकालेंगी. चौहान ने कहा कि एकता और सेवा का भाव ही हमें सबसे बड़े संकट से लड़ने की ताकत देता है और यही पंजाब को इस आपदा से उबारने में मदद करेगा.