पंजाब की महिलाओं के लिए एक बड़ी खुशखबरी आई है. राज्य सरकार ने महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और उन्हें सम्मान देने के मकसद से एक खास योजना शुरू की है, जिसका सीधा फायदा अब जुलाई महीने से मिलना शुरू हो जाएगा. यह कदम उन तमाम माताओं और बहनों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है, जो हर महीने अपने खर्चों के लिए किसी और पर निर्भर रहती थीं. मान सरकार की इस पहल के तहत जुलाई से महिलाओं के बैंक खातों में सीधे सत्कार भत्ता जमा किया जाएगा. सरकार ने सभी पात्र महिलाओं से अपील की है कि वे जल्द से जल्द अपना सत्कार भत्ता कार्ड बनवा लें, ताकि इस योजना का लाभ उठाने में कोई दिक्कत न आए. आइए जानते हैं इस योजना से जुड़ी पूरी जानकारी.
पंजाब सरकार ने महिलाओं को आर्थिक स्वतंत्रता और सम्मान देने के लिए 'मुख्यमंत्री मावां-धीयां सत्कार योजना' शुरू की है. इस योजना के तहत सामान्य वर्ग की महिलाओं को हर महीने 1000 रुपये और अनुसूचित जाति वर्ग की महिलाओं को हर महीने 1500 रुपये की राशि सीधे उनके बैंक खातों में भेजी जाएगी. यह रकम बिना किसी बिचौलिए के लाभार्थियों तक पहुंचेगी, जिससे पारदर्शिता भी बनी रहेगी.
इस योजना का लाभ लेने के लिए महिला की उम्र कम से कम 18 साल या उससे अधिक होनी चाहिए. साथ ही महिला के पास वैध आधार कार्ड और पंजाब का वोटर आईडी कार्ड होना जरूरी है. सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि सामान्य वर्ग की महिलाओं के साथ-साथ अनुसूचित जाति वर्ग की महिलाओं को भी ज्यादा राशि देकर खास ख्याल रखा जाए. पहली किस्त सीधे लाभार्थियों के खातों में जमा कर दी जाएगी.
इस योजना के लिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया बेहद आसान रखी गई है. पात्र महिलाओं को अपने नजदीकी आंगनबाड़ी केंद्र या नियुक्त 'महिला सत्कार सखी' से आवेदन फॉर्म लेना होगा. फॉर्म के साथ आधार कार्ड और पंजाब का वोटर आईडी कार्ड जोड़ना अनिवार्य है, जिससे पहचान और पात्रता की पुष्टि हो सके.
रजिस्ट्रेशन से पहले महिलाओं को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनका बैंक खाता आधार कार्ड से जुड़ा हुआ हो, क्योंकि भत्ते की राशि सीधे इसी खाते में ट्रांसफर की जाएगी. फॉर्म भरने के बाद उसे आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के पास जमा कराना होगा. सरकार के इस फैसले की चारों तरफ सराहना हो रही है, क्योंकि यह योजना सीधे तौर पर माताओं और बहनों की रोजमर्रा की जिंदगी में आर्थिक मजबूती लाने वाली साबित होगी.