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फिर खड़ा होगा पंजाब! 'मिशन चढ़दीकला' के जरिए पंजाब सरकार ने दुनिया को दिया संदेश

बाढ़ की तबाही से जूझ रहे पंजाब को फिर से खड़ा करने के लिए मुख्यमंत्री भगवंत मान ने ‘मिशन चढ़दीकला’ शुरू किया है. यह केवल राहत और पुनर्वास तक सीमित नहीं है, बल्कि पंजाब को एक बार फिर खुशहाली और तरक्की के रास्ते पर ले जाने की व्यापक योजना है. 

Kuldeep Sharma
Edited By: Kuldeep Sharma
फिर खड़ा होगा पंजाब! 'मिशन चढ़दीकला' के जरिए पंजाब सरकार ने दुनिया को दिया संदेश
Courtesy: social media

Punjab News: 'गुरुओं की धरती पंजाब हमेशा चढ़दीकला की भावना में जीती है.' इसी सोच के साथ पंजाब सरकार ने बाढ़ से तबाह इलाकों को संवारने के लिए ‘मिशन चढ़दीकला’ का बिगुल बजा दिया है.

यह केवल सरकारी पहल नहीं, बल्कि एक ऐसा सामूहिक प्रयास है जिसमें पंजाब की एकता, भाईचारे और सहयोग की शक्ति झलकती है.

राहत से आगे भविष्य की तैयारी

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने साफ किया कि यह मिशन केवल बाढ़ से प्रभावित लोगों को राहत पहुंचाने के लिए नहीं, बल्कि पंजाब के भविष्य को बेहतर बनाने का खाका है. उन्होंने कहा, “किसानों को फिर से खेतों में लौटना है, बच्चों को स्कूल जाना है और परिवारों को अपने घर दोबारा बसाने हैं.” यही सोच मिशन का असली आधार है. सरकार ने इसके लिए स्पष्ट योजना बनाई है और हर छोटे-बड़े पहलू पर काम हो रहा है.

हर पंजाबी है साझेदार

‘मिशन चढ़दीकला’ पूरी तरह लोगों की भागीदारी पर आधारित है. देश-विदेश में बसे पंजाबी इस पहल से जुड़कर मदद कर रहे हैं. मुख्यमंत्री ने कहा, “आपके 10 रुपये भी 10 करोड़ के बराबर हैं.” हाल ही में यूनियन बैंक ऑफ इंडिया ने 2 करोड़ रुपये का योगदान दिया, जो इस अभियान की विश्वसनीयता और लोगों के भरोसे को दर्शाता है. यह मदद पैसों से बढ़कर एकजुटता और प्यार की निशानी है.

पारदर्शी तंत्र की स्थापना

इस मिशन को गंभीरता से लागू करने के लिए मुख्यमंत्री कार्यालय में एक खास ‘वार रूम’ बनाया गया है. यहां से हर कदम की सीधी निगरानी की जा रही है. खुद मुख्यमंत्री रोज इसकी समीक्षा करते हैं. स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने बताया कि बाढ़ प्रभावित इलाकों में लोगों और पशुओं की सेहत का विशेष ध्यान रखा जा रहा है. जिन किसानों की फसल बर्बाद हुई है, उन्हें मुआवजा भी दिया जाएगा.

चुनौतियों से लड़ने का जज्बा

‘मिशन चढ़दीकला’ पंजाब की उस आत्मा को दर्शाता है जो हर विपत्ति में सिर ऊंचा रखकर खड़ी रहती है. यह योजना दिखाती है कि पंजाब हार मानने वाला नहीं, बल्कि कठिनाइयों को अवसर में बदलने वाला प्रदेश है. यह केवल पुनर्निर्माण की कहानी नहीं, बल्कि एक नए आत्मविश्वासी पंजाब की शुरुआत है.