पंजाब में विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच कांग्रेस ने अपने चुनावी घोषणा पत्र को लेकर नई रणनीति बनाई है. पार्टी का कहना है कि इस बार मैनिफेस्टो बंद कमरे में नहीं, बल्कि लोगों के बीच जाकर तैयार किया जाएगा. इसके लिए अलग-अलग वर्गों से राय लेकर अंतिम दस्तावेज बनाया जाएगा.
कांग्रेस नेता और मैनिफेस्टो से जुड़े वरिष्ठ नेता अमर सिंह ने बताया कि पार्टी जल्द पंजाब में बैठकों का दौर शुरू करेगी. सबसे पहले मैनिफेस्टो कमेटी के सदस्यों के साथ चर्चा होगी. इसके बाद किसानों, मजदूरों, कर्मचारियों, व्यापारियों, उद्योग जगत और दूसरे सामाजिक वर्गों से सुझाव लिए जाएंगे. जिला अध्यक्षों और जमीनी स्तर पर काम करने वाले कार्यकर्ताओं से भी फीडबैक लिया जाएगा. उनका कहना है कि घोषणा पत्र केवल चुनावी वादों का दस्तावेज नहीं होगा, बल्कि पंजाब के लोगों की उम्मीदों और जरूरतों को सामने रखने वाला रोडमैप बनेगा.
अमर सिंह ने कहा कि कांग्रेस इस बार ऐसे वादे नहीं करेगी, जिन्हें बाद में पूरा करना मुश्किल हो. उन्होंने साफ किया कि पंजाब की मौजूदा आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए हर योजना पर विचार किया जाएगा. मुफ्त योजनाओं को लेकर भी पार्टी जल्दबाजी में फैसला नहीं करेगी. पहले विशेषज्ञों और पार्टी नेतृत्व से चर्चा होगी, फिर वही वादे किए जाएंगे जो वास्तव में लोगों के लिए जरूरी हों और राज्य की आर्थिक क्षमता के अनुसार पूरे किए जा सकें. उनका कहना है कि विकास और वित्तीय संतुलन दोनों को साथ लेकर चलना जरूरी है.