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India Daily

CM भगवंत मान ने लैंड पूलिंग स्कीम को बताया किसान-मित्री, विपक्ष पर लगाया जनता को गुमराह करने का आरोप

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने नई लैंड पूलिंग स्कीम को किसान-मित्री और विकासोन्मुखी बताया और विपक्षी दलों को नेताओं की मंशा के खिलाफ जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया. धूरी विधानसभा क्षेत्र के 70 गांवों को 31.30 करोड़ रुपए की ग्रांट बांटने के बीच उन्होंने नशा विरोधी अभियान को भी संकल्प की दिशा में सकारात्मक कदम करार दिया.

Kuldeep Sharma
Edited By: Kuldeep Sharma
CM भगवंत मान ने लैंड पूलिंग स्कीम को बताया किसान-मित्री, विपक्ष पर लगाया जनता को गुमराह करने का आरोप
Courtesy: web

पंजाब सरकार द्वारा शुरू की गई प्रगतिशील लैंड पूलिंग स्कीम को मुख्यमंत्री भगवंत मान ने किसानहित और राज्य विकास के हित में बताया. उन्होंने विपक्षी पार्टियों को इस स्कीम की सच्ची जानकारी छुपाने और लोगों को गुमराह करने का आरोप लगाया है. धूरी विधानसभा क्षेत्र के गांवों को बांटी गई ग्रांट के बाद उन्होंने जनता से अपील की कि वे इस महत्वपूर्ण योजना को समझें और भ्रांतियों से सावधान रहें.

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि इस नई लैंड पूलिंग स्कीम का उद्देश्य किसानों को स्थायी आय का स्रोत देना और विकास की प्रक्रिया में उनका सक्रिय हिस्सा बनाना है. उन्होंने स्पष्ट किया कि इस स्कीम के तहत जमीन जबरन अधिग्रहित नहीं की जाएगी और केवल उन किसानों की जमीन शामिल होगी जो स्वेच्छा से सहमत हों. इसके माध्यम से किसानों को आवासीय और वाणिज्यिक प्लॉट दिए जाएंगे, जिससे उन्हें भविष्य में आय भी प्राप्त होगी.

उन्होंने यह भी बताया कि योजनाबद्ध कॉलोनियों में वाणिज्यिक संपत्ति किसानों के लिए स्थायी आय का साधन बनेगी. उन्होंने कहा यह पहल राज्य की समग्र प्रगति, रोजगार सृजन और गांवों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए है.

विपक्ष पर लगाया भ्रामक प्रचार का आरोप

मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर तीखा हमला करते हुए कहा कि वे केवल अपने राजनीतिक उद्देश्य के लिए इस योजना के तथ्यों को तोड़-मरोड़कर प्रस्तुत कर रहे हैं. उन्होंने कथित तौर पर विपक्ष के उन नेताओं की आलोचना की, जो कह रहे हैं कि स्कीम किसानों के हित में नहीं है, जबकि असलियत इसके विपरीत है. मान ने कहा कि पंजाब की जनता ऐसे नेताओं के असली चरित्र को अच्छी तरह पहचानती है जिन्होंने पहले पंजाब की पीठ में छुरा घोंपने का काम किया है.

नशा विरोधी अभियान को प्रेरक बताया

नशे की आग को रोकने की लड़ाई में मुख्यमंत्री ने राज्य द्वारा शुरू की गई ‘युद्ध नशे के विरुद्ध’ मुहिम को एक प्रेरक उदाहरण बताया. उन्होंने कहा कि सरकार ने नशे की आपूर्ति की कमर तोड़ दी है और इससे जुड़े बड़े अपराधियों को सलाखों के पीछे डाला गया है. उन्होंने नाभा जेल का जिक्र करते हुए कहा कि लोग जाकर वहां नशे के आरोपी महाघोरों का हाल देख सकते हैं. मान ने आश्वासन दिया कि यह अभियान तब तक चलता रहेगा जब तक पूरी संतृप्ति न हो जाए.

स्थानीय विकास को मिली बड़ी राशि

धूरी विधानसभा क्षेत्र के 70 गांवों को विकास कार्यों के लिए 31.30 करोड़ रुपए की ग्रांट मुख्यमंत्री ने बांटी. उन्होंने पंचायतों से अपील की कि इस धन का उपयोग महसूस करते हुए काम करें. पिछली सरकारों के समय बताया गया कि धन वितरण केवल कागजों में होता था, ठीक उसी तरह काम भी कागजी ही रहते थे. मुख्यमंत्री ने कहा कि अब सभी गांवों को आदर्श गांवों के रूप में विकसित किया जाएगा, और पंचायतों को गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए विकास पर नजर रखनी होगी.

जनकल्याणकारी योजनाओं का जिक्र

मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार की विभिन्न जनहित योजनाओं का भी हवाला दिया. उन्होंने बताया कि पंजाब में लगभग सभी घरों को मुफ्त बिजली मिल रही है, जिससे 90 प्रतिशत बिजली बिल शून्य हो गए हैं. राज्य में 881 आम आदमी क्लीनिक खोले गए हैं, जहां अब तक तीन करोड़ से अधिक लोगों ने इलाज कराया है. मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि सरकार ने अब तक 55 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियों में मेरिट के आधार पर नियुक्त किया है. इसके अलावा, राज्य में 18 टोल प्लाजा बंद किये गए हैं, जिससे लगभग रोजाना 64 लाख रुपए की बचत हो रही है.