पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज लुधियाना के हलवारा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर टर्मिनल भवन के उद्घाटन के अवसर पर भारत सरकार से हवाई अड्डे का नाम महान शहीद करतार सिंह सराभा के नाम पर रखने की अपनी मांग दोहराई और कहा कि यह कदम भारत के स्वतंत्रता संग्राम के सबसे कम उम्र के नायकों में से एक के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी.
मुख्यमंत्री ने केंद्र से मोहाली हवाई अड्डे से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में वृद्धि करने की भी अपील की. उन्होंने कहा कि पंजाब लगातार उस मोड़ की ओर बढ़ रहा है जहाँ इसके चारों हवाई अड्डों के नाम राज्य के महान गुरुओं और शहीदों के नाम पर रखे जाएंगे, जो आधुनिक बुनियादी ढांचे को राज्य की आध्यात्मिक और क्रांतिकारी विरासत से जोड़ेंगे.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा हवाई अड्डे के वर्चुअल उद्घाटन के दौरान केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापु राम मोहन नायडू की उपस्थिति में यह मुद्दा उठाते हुए, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, ‘शहीद करतार सिंह सराभा ने मात्र 19 वर्ष की उम्र में मातृभूमि के लिए अपनी जान कुर्बान कर दी. उनके महान बलिदान ने लाखों लोगों को ब्रिटिश साम्राज्यवाद के खिलाफ आवाज उठाने के लिए प्रेरित किया और शहीद-ए-आजम भगत सिंह भी उन्हें अपना रोल मॉडल मानते थे.’
मुख्यमंत्री ने कहा कि हलवारा हवाई अड्डे का नाम शहीद करतार सिंह सराभा के नाम पर रखना इस महान शहीद के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी जो इस क्षेत्र से जुड़े थे और एविएशन में करियर बनाने के लिए बर्कले यूनिवर्सिटी गए थे, लेकिन वापस आने के बजाय उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन के लिए अपना जीवन समर्पित करने का रास्ता चुना. उन्होंने कहा, ‘पंजाब महान गुरुओं, पैगंबरों, संतों, पीरों और शहीदों की धरती है. इस पवित्र मिट्टी के कण-कण से उनकी कुर्बानियों की महक आती है.’
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि यदि हलवारा हवाई अड्डे का नाम शहीद करतार सिंह सराभा के नाम पर रखा जाता है तो पंजाब के चार हवाई अड्डों में से दो का नाम सम्माननीय गुरुओं के नाम पर और दो का नाम शहीदों के नाम पर रखा जाएगा. उन्होंने कहा, ‘श्री गुरु रामदास अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, अमृतसर और श्री गुरु रविदास महाराज जी हवाई अड्डा, आदमपुर का नाम गुरुओं के नाम पर रखा गया है, जबकि शहीद भगत सिंह हवाई अड्डा, मोहाली और शहीद करतार सिंह सराभा हवाई अड्डा, हलवारा हमारे शहीदों की याद को समर्पित होगा.’
गुरु रविदास के प्रकाश पर्व पर लोगों को बधाई देते हुए, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह बहुत गर्व और संतुष्टि की बात है कि आदमपुर हवाई अड्डे का नाम भक्ति आंदोलन के महान समर्थक के नाम पर रखा गया है. उन्होंने कहा, ‘श्री गुरु रविदास महाराज जी द्वारा समानतावादी समाज की रचना के लिए दिखाया गया मार्ग हमारी सरकार की जनता की सेवा करने की प्रतिबद्धता का मुख्य आधार है.’ उन्होंने कहा कि यह पंजाब के लिए एक ऐतिहासिक दिन रहा क्योंकि प्रधानमंत्री ने इस शुभ अवसर पर दो हवाई अड्डों को जनता को समर्पित किया.
हलवारा हवाई अड्डे की रणनीतिक महत्ता को उजागर करते हुए, मुख्यमंत्री ने कहा कि इस हवाई अड्डे ने वर्षों दौरान महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है और महत्वपूर्ण अभियानों के दौरान सशस्त्र सेनाओं द्वारा इसका उपयोग किया जाता रहा है. उन्होंने हलवारा में टर्मिनल, जिसे अब जनता को समर्पित कर दिया गया है, विकसित करने में योगदान के लिए भारतीय सशस्त्र सेनाओं का धन्यवाद किया. उन्होंने कहा, ‘राज्य सरकार आने वाले दिनों में इस हवाई अड्डे से संपर्क बढ़ाने के लिए भारत सरकार के साथ विचार-विमर्श करेगी.’
पहले किए गए प्रयासों को याद करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि 22 मार्च, 2023 को पंजाब विधानसभा ने सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पारित किया था जिसमें भारत सरकार से इंडियन एयर फोर्स स्टेशन, हलवारा, लुधियाना में स्थित अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का नाम शहीद करतार सिंह सराभा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा रखने का अनुरोध किया गया था. उन्होंने कहा, ‘गदर पार्टी के एक सक्रिय नेता के रूप में, शहीद करतार सिंह सराभा ने पहले विदेशों में और फिर देश के अंदर भारत की आजादी के लिए अथक मेहनत की. हवाई अड्डे का नाम उनके नाम पर रखना उनके बेमिसाल योगदान को एक विनम्र श्रद्धांजलि होगी.’
मुख्यमंत्री ने आगे बताया कि राज्य सरकार के निरंतर प्रयासों के कारण मोहाली अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का नाम पहले ही शहीद भगत सिंह के नाम पर रखा जा चुका है. मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, ‘हमारे महान शहीदों के नाम पर हवाई अड्डों, विश्वविद्यालयों और अन्य संस्थानों का नामकरण हमारी सरकार के महान शहीदों की विरासत को संरक्षित करने और युवाओं को देश की निस्वार्थ सेवा के लिए समर्पित करने के दृष्टिकोण का अभिन्न अंग है.’