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India Daily

रावी नदी का बदलता रास्ता बन सकता है सीमा के लिए बड़ा खतरा! पूर्व अफसर ने अमित शाह को लिखी चिट्ठी, दिए 7 सुझाव

पंजाब में रावी नदी का बदलता बहाव सीमा सुरक्षा के लिए बड़ी चुनौती बनता जा रहा है. पंजाब के पूर्व विशेष मुख्य सचिव केबीएस सिद्धू ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर सात अहम सुझाव दिए हैं

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Edited By: Reepu Kumari
रावी नदी का बदलता रास्ता बन सकता है सीमा के लिए बड़ा खतरा! पूर्व अफसर ने अमित शाह को लिखी चिट्ठी, दिए 7 सुझाव
Courtesy: Pinterest

Ravi River Border Threat: पंजाब की सीमा से सटे इलाकों में एक ऐसी चुनौती सामने आई है, जिसने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है. दरअसल रावी नदी का बहाव लगातार बदल रहा है, जिससे सीमा पर बाड़बंदी और निगरानी व्यवस्था प्रभावित हो रही है. इसी मुद्दे को लेकर पंजाब के पूर्व विशेष मुख्य सचिव केबीएस सिद्धू ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को एक अहम पत्र लिखा है.

सिद्धू ने अपने पत्र में केंद्र सरकार की प्रहार राष्ट्रीय आतंकवाद रोधी नीति को सीमा के अंतिम छोर तक पहुंचाने की जरूरत बताई है. उन्होंने कहा कि केंद्र ने आतंकवाद से निपटने के लिए व्यापक रणनीति तो बनाई है, लेकिन उसका असल फायदा तभी मिलेगा जब यह जमीनी स्तर पर सही तरीके से लागू हो. बटाला और अमृतसर में प्रशासनिक अनुभव रखने वाले सिद्धू ने अपने सुझावों को प्रहार नीति के सात स्तंभों से जोड़ा है.

नदी का रुख बदलने से बाड़ लगाना हुआ मुश्किल

सिद्धू ने बताया कि रावी नदी लगभग हर मानसून में अपना रास्ता बदल देती है, जिससे नदी के बीच स्थायी बाड़ लगाना असंभव हो जाता है. उन्होंने ब्रह्मपुत्र नदी में इस्तेमाल हो रहे एकीकृत सीमा प्रबंधन सिस्टम को रावी और सतलुज के नदी क्षेत्रों में भी लागू करने का सुझाव दिया. साथ ही बीएसएफ और पंजाब सिंचाई विभाग को मिलकर बाढ़-रोधी बाड़ डिजाइन तैयार करने की सलाह दी, क्योंकि 2025 की बाढ़ में गुरदासपुर की सीमा चौकियां क्षतिग्रस्त हुई थीं.

ड्रोन से तस्करी रोकने के लिए तकनीक का सहारा

सीमा पार से ड्रोन के जरिए हो रही नशे की तस्करी को लेकर भी सिद्धू ने गंभीर चिंता जताई है. उन्होंने कई स्तर वाला काउंटर-ड्रोन सिस्टम बनाने और एआई तकनीक से संभावित ड्रॉप जोन की पहचान करने का सुझाव दिया. इसके अलावा जिला पुलिस की सूचनाओं को राष्ट्रीय खुफिया तंत्र से जोड़ने, सीमा जिलों में विशेष अदालतें और फोरेंसिक लैब बनाने की भी मांग की गई है.

सीमावर्ती गांवों के लिए स्थायी पुल की मांग

पत्र में सीमा क्षेत्र के गांवों की रोजमर्रा की दिक्कतों का भी जिक्र किया गया है. सिद्धू ने गुरदासपुर के मकौड़ा पत्तन पर स्थायी पुल बनाने की मांग की, क्योंकि रावी पार बसे गांवों के लोग अभी सिर्फ मौसमी पोंटून पुल पर निर्भर हैं. उन्होंने बाड़ पार खेती करने वाले किसानों के लिए बेहतर गेट टाइमिंग और उचित मुआवजे की व्यवस्था करने की भी सिफारिश की है.

सीमा गांवों में भर्ती और प्रशिक्षण पर जोर

सिद्धू ने सीमावर्ती इलाकों में तैनात शिक्षकों, डॉक्टरों और राजस्व कर्मचारियों के लिए कठिन क्षेत्र प्रोत्साहन देने और सीमा गांवों से ज्यादा बॉर्डर विंग होम गार्ड भर्ती करने की मांग की है. उन्होंने उपायुक्त और एसडीएम स्तर के अफसरों को भी प्रहार रणनीति की ट्रेनिंग देने का सुझाव दिया. साथ ही हर गिराए गए ड्रोन का पूरा रिकॉर्ड रखने और करतारपुर गलियारे को मानवीय जुड़ाव का जरिया बनाए रखने की बात भी कही.