चंडीगढ़: पंजाब BJP में हालिया संगठनात्मक फेरबदल के बाद सामने आए विरोध के बीच पार्टी हाईकमान ने स्थिति संभालने की कोशिश शुरू कर दी है. राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने राज्य नेतृत्व से नाराज नेताओं और कार्यकर्ताओं की शिकायतें सुनने तथा उन्हें साथ लेकर आगे बढ़ने को कहा है. दिल्ली में हुई बैठक में संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने की रणनीति पर चर्चा हुई. पार्टी का लक्ष्य राज्य के सभी 24 हजार मतदान केंद्रों तक अपनी मौजूदगी बढ़ाना और 2027 विधानसभा चुनाव के लिए आधार तैयार करना है.
सूत्रों के अनुसार, शुक्रवार देर रात दिल्ली में नितिन नबीन के आवास पर पंजाब BJP से जुड़े वरिष्ठ नेताओं की बैठक हुई. इसमें पंजाब BJP अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों, संगठन महामंत्री मंत्री श्रीनिवासुलु, BJP के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष और पंजाब के संगठन प्रभारी सतीश पूनिया शामिल हुए. बैठक में राज्य इकाई में हाल में हुए इस्तीफों और संगठनात्मक बदलाव से पैदा हुई नाराजगी पर चर्चा हुई.
नितिन नबीन ने राज्य नेतृत्व को असंतुष्ट नेताओं की चिंताओं को दूर करने और उनसे लगातार संपर्क बनाए रखने की सलाह दी. पार्टी नेतृत्व का मानना है कि संगठन में बदलाव के दौरान असहमति होना स्वाभाविक है, लेकिन जिम्मेदार पदों पर बैठे नेताओं को संवाद के जरिए स्थिति संभालनी चाहिए. बैठक में सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं को साथ लेकर आगे बढ़ने पर विशेष जोर दिया गया.
पंजाब BJP में संगठनात्मक बदलाव के खिलाफ कई इलाकों में नाराजगी सामने आई है. होशियारपुर में पूर्व मंत्री तीक्ष्ण सूद और उनके समर्थकों के इस्तीफे के बाद मामला चर्चा में आया. फरीदकोट में करीब 10 पदाधिकारियों के इस्तीफे की बात सामने आई है. संगरूर, पटियाला और अन्य जिलों में भी स्थानीय स्तर पर असंतोष की खबरें हैं. कुछ नेताओं ने आरोप लगाया कि जिला स्तर के बदलावों से पहले पुराने कार्यकर्ताओं से पर्याप्त चर्चा नहीं की गई.
BJP अब पंजाब में अपना संगठन शहरों तक सीमित रखने के बजाय जमीनी स्तर पर विस्तार करना चाहती है. पार्टी की योजना राज्य के करीब 24 हजार मतदान केंद्रों तक संगठन की मौजूदगी मजबूत करने की है. बैठक में 14 अगस्त को विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस से जुड़े कार्यक्रमों की तैयारियों पर भी चर्चा हुई. सूत्रों के मुताबिक, सुखबीर सिंह बादल और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मुलाकात के बाद संभावित गठबंधन की चर्चा इस बैठक का हिस्सा नहीं थी.
पंजाब में 2027 विधानसभा चुनाव को देखते हुए BJP के सामने संगठन को एकजुट रखने और नए क्षेत्रों में प्रभाव बढ़ाने की चुनौती है. पार्टी कई दशकों तक राज्य के सीमित शहरी विधानसभा क्षेत्रों में ही मजबूत रही है. ऐसे में हाईकमान अब बूथ स्तर तक विस्तार पर जोर दे रहा है. संगठनात्मक बदलाव को लेकर उठे सवालों के बीच नेतृत्व के सामने नाराजगी दूर करने के साथ कार्यकर्ताओं का भरोसा बनाए रखना अहम चुनौती बन गई है.