चंडीगढ़: पंजाब जम्मू कश्मीर सीमा पर स्थित लखनपुर को केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना के तहत एक नई पहचान मिलने जा रही है. केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने जानकारी दी कि भारत सरकार ने देश के 50 शहरों का चयन किया है, जिन्हें आधुनिक स्ट्रीट फूड हब के रूप में विकसित किया जाएगा. इस सूची में लखनपुर को भी शामिल किया गया है.
यह पहल केवल खान पान की सुविधा तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य स्थानीय संस्कृति, पारंपरिक व्यंजनों और छोटे कारोबारियों को एक मजबूत मंच उपलब्ध कराना भी है. सरकार का मानना है कि इस योजना से क्षेत्र में पर्यटन और स्थानीय व्यापार दोनों को नई गति मिलेगी.
सरकार की योजना के अनुसार लखनपुर में ऐसा स्ट्रीट फूड हब तैयार किया जाएगा, जहां साफ सफाई, आधुनिक सुविधाएं और बेहतर बुनियादी ढांचा उपलब्ध होगा. यहां आने वाले पर्यटकों और यात्रियों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण स्थानीय व्यंजनों का अनुभव मिल सकेगा.
इस पहल के जरिये क्षेत्र के पारंपरिक स्वाद और स्थानीय खान पान की विरासत को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने की कोशिश की जाएगी. इससे स्थानीय खाद्य व्यवसाय से जुडे लोगों के लिए नए अवसर भी तैयार होने की उम्मीद है.
योजना का एक प्रमुख उद्देश्य रेहडी पटरी पर कारोबार करने वाले लोगों की आजीविका को मजबूत बनाना है. आधुनिक वेंडिंग स्पेस तैयार होने के बाद स्ट्रीट वेंडर्स को बेहतर वातावरण में कारोबार करने का अवसर मिलेगा. इससे उनकी आय बढ़ने के साथ साथ ग्राहकों का भरोसा भी मजबूत होगा.
सरकार का मानना है कि संगठित और सुव्यवस्थित वेंडिंग व्यवस्था से छोटे कारोबारियों को सम्मानजनक रोजगार मिलेगा और शहर की पहचान भी मजबूत होगी.
इस परियोजना को प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के साथ जोडा गया है. इसके तहत पात्र स्ट्रीट वेंडर्स को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के साथ साथ समय पर भुगतान और बेहतर कारोबार को प्रोत्साहित करने के लिए अतिरिक्त आर्थिक लाभ भी दिए जाएंगे.
सरकार का उद्देश्य है कि छोटे विक्रेता बिना आर्थिक दबाव के अपने कारोबार का विस्तार कर सकें और आधुनिक सुविधाओं का लाभ उठाते हुए आत्मनिर्भर बनें.
लखनपुर जम्मू कश्मीर का प्रवेश द्वार माना जाता है और हर दिन हजारों यात्री इस मार्ग से गुजरते हैं. ऐसे में यहां विश्व स्तरीय स्ट्रीट फूड हब विकसित होने से यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, जबकि स्थानीय व्यापार, पर्यटन और रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे.
सरकार को उम्मीद है कि यह पहल लखनपुर की पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत करेगी और सीमावर्ती क्षेत्र के समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी.