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फरीदकोट गुरुद्वारे में भीषण आग, संगत ने सबसे पहले बचाए श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के पावन स्वरूप

फरीदकोट के गुरुद्वारा श्री गुरु तेगबहादुर सिमरन में आग लगने से हॉल का सामान जल गया. संगत ने तत्परता दिखाते हुए श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के पावन स्वरूपों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, जिससे बड़ा हादसा टल गया.

Kuldeep Sharma
Edited By: Kuldeep Sharma
फरीदकोट गुरुद्वारे में भीषण आग, संगत ने सबसे पहले बचाए श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के पावन स्वरूप
Courtesy: social media

पंजाब के फरीदकोट जिले में स्थित गुरुद्वारा श्री गुरु तेगबहादुर सिमरन में रविवार देर शाम अचानक आग लगने से अफरा-तफरी मच गई. स्थानीय संगत और ग्रामीणों की सतर्कता से श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के पावन स्वरूपों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया. दमकल टीम ने समय रहते आग पर काबू पा लिया.

संगत की सूझबूझ से टला बड़ा हादसा

आग की सूचना मिलते ही आसपास के ग्रामीण और संगत बड़ी संख्या में गुरुद्वारा परिसर पहुंच गए. सबसे पहले श्रद्धालुओं ने पूरी मर्यादा और सम्मान के साथ श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के पावन स्वरूप और गुटका साहिब को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया. इसके बाद लोगों ने आग बुझाने का प्रयास शुरू किया. कुछ ही देर में दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची और लगातार पानी की बौछार कर आग को फैलने से रोक दिया. इससे गुरुद्वारे के अन्य हिस्से सुरक्षित बच गए और एक बड़ा हादसा टल गया.

हॉल का सामान जलकर हुआ क्षतिग्रस्त

आग की चपेट में आने से गुरुद्वारा साहिब के हॉल में रखा कई सामान बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया. बिस्तर, एयर कंडीशनर, फॉल्स सीलिंग, बिजली की फिटिंग और अन्य उपयोगी वस्तुएं जल गईं. शुरुआती जानकारी के अनुसार घटना की वजह शॉर्ट सर्किट मानी जा रही है, हालांकि प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि वास्तविक कारणों की जांच की जा रही है. साथ ही नुकसान का आकलन भी किया जा रहा है ताकि आगे की कार्रवाई तय की जा सके.

ग्रामीणों ने मिलकर संभाले हालात

गुरुद्वारा के ग्रंथी की सूचना पर गांव के सरपंच सहित बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंचे और राहत कार्य में सहयोग किया. घटना के बाद कुछ समय तक क्षेत्र में चिंता का माहौल रहा, लेकिन पावन स्वरूपों के सुरक्षित रहने की खबर से संगत ने राहत की सांस ली. स्थानीय लोगों ने इसे सामूहिक सतर्कता और सेवा भावना का उदाहरण बताते हुए भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचाव के लिए बेहतर सुरक्षा व्यवस्था की मांग भी की.